छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जहां मरवाही विधानसभा क्षेत्र में मतदातों की खातिरदारी के लिए अनूठी योजना बनाई गई है। वहीं दूसरी ओर जांजगीर-चांपा जिले में चपरासी को पीठासीन अधिकारी बना देने का मामला सामने आया है।
खबरों के मुताबिक जांजगीर-चांपा जिले में चुनाव में ड्यूटी लगाते समय वरिष्ठता को ध्यान में नहीं रखा गया। इसके चलते कालेज के प्रिंसिपल, सहायक प्राध्यापक, यूडीटी और व्याख्याताओं को मतदान अधिकारी क्रमांक एक बनाया गया है जबकि प्राथमिक स्कूल के हेड मास्टरों को पीठासीन अधिकारी बना दिया गया है।
ऐसे में द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों को प्राथमिक स्कूल के हेड मास्टरों के अधीन चुनाव कार्य करना होगा। चुनाव ड्यूटी की इस व्यवस्था से अधिकारियों में नाराजगी है। हालांकि वे इस बारे में बात कहने में असहज महसूस कर रहे हैं।
वरिष्ठता का ध्यान रखने पर है आदेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का फैसला है कि उच्च श्रेणी के अधिकारियों की ड्यूटी निम्न श्रेणी के अधिकारी या कर्मचारियों के अधीन नहीं लगाई जाए। ड्यूटी लगाते समय वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए।