छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर राज्य में सियासी गहमागहमी जोरों पर है। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होने हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले चरण में विधानसभा की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ की 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को चुनाव होने हैं।
राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। जहां एक ओर नेता वोट हासिल कर जीत की आस लगाए हुए हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन राजनीतिक दलों के भरोसे हैं। हर पार्टी चुनाव जीतकर रोजगार देने का वादा करती है। मगर इन पार्टियों का प्रचार अब कई लोगों को रोजगार दे रहा है। चुनाव प्रचार में शामिल चीजें लोगों के रोजगार का साधन बन चुकी हैं।
इस बार फ्लेक्स धंधा नरम
हालांकि, इस बार दुर्ग शहर में फ्लेक्स बनाने वाले थोड़े से निराश हैं क्योंकि चुनाव को लेकर अभी तक होर्डिंग्स के ऑर्डर किसी भी पार्टी की तरफ़ से नहीं आए है। उनका कहना है कि उन्होंने कई मशीनें चुनाव के मद्देनज़र मंगवाई थीं, लेकिन अभी तक कोई ऑर्डर नहीं आया है और उनकी दुकानों में मशीने ऑन तक नहीं हो पा रही हैं।
कैब कंपनियों की हुई चांदी
वहीं कैब कंपनियां है गदगद हैं क्योंकि चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने बड़ी बड़ी रैलियां कीं जिसमें भारी मात्रा में उनकी गाड़ियों को लगाया जा रहा है, वहीं ड्राइवर ओवरड्यूटी कर पैसा कमा रहे हैं।