विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सियासी गलियारों में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलों का दौर जारी है। लेकिन इससे इतर एक खबर माननीयों के लिए भी है। लोक निर्माण विभाग ने बंगलों के उलटफेर को लेकर तैयारी पूरी नहीं की है। ऐसे में नए विधायकों का सरकारी बंगले में शिफ्ट होने का इंतजार थोड़ा लंबा होने वाला है। टिकट कटने वाले विधायकों के बंगला खाली करने के बाद ही बंगलों के अदला-बदली की सूची जारी होगी।
जल्द होगी नई व्यवस्था
विभागीय स्तर पर अभी तक पुराने विधायकों और मंत्री आवास को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बंगले की चाबी लेने के लिए नए विधायकों का इंतजार लंबा होना तय है। सूत्रों की मानें तो राज्य में विधानसभा सत्र के बाद नई व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि मंत्री, विधायक, संसदीय सचिव और आयोग के अध्यक्षों को बंगला दिया जाता है।
जीते हुए नए चेहरों को मिलेंगे बंगले
रमन सरकार में कई विधायक और मंत्री ऐसे थे जो सालों से एक ही बंगले में रह रहे थे। इस बार कई पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री मैदान में थे, कई कईयों को पहले से बंगले मिले हुए थे। जिनको जीत मिली उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी। जो नए चेहरे विधायक बने हैं उनके बंगले के लिए व्यवस्था बदलनी पड़ेगी।
मध्यप्रदेश में जारी हो चुके हैं नोटिस
मध्यप्रदेश में जिन विधायकों को टिकट नहीं मिला उन्हें पहले ही बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया जा चुका है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि नए विधायकों के लिए वेटिंग लिस्ट में रहने की स्थिति न बन सके। परिणाम जारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों को इन बंगलों को खाली कराने को लेकर थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। लोक निर्माण के पास ही पुराने विधायकों के बंगले में मेंटेनेंस व रख-रखाव का जिम्मा है ।