प्रेस कॉन्फ्रेंस लेती आम आदमी पार्टी
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CG Politics: छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार पर तीखा तंज कसा। आप ने आरोप लगाते हुए कहा कि साय सरकार अनियमित कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के साथ छल कर रही है। विधानसभा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार अब अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। प्रदेश में 7 लाख 30 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारी हैं जो कि कई साल से खून-पसीना बहा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें नियमित करने के बजाय सिर्फ झूठे आश्वासन देकर उनका शोषण कर रही है।
बेरोजगारी भत्ते की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी यूथ विंग एक अगस्त से हस्ताक्षर अभियान चलायेगा। इसके अलावा यूथ विंग प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर नियमितीकरण की मांग तेज करेगा। अलग-अलग तरह से आंदोलन होगा। आप के प्रदेश प्रवक्ता तेजेंद्र तोड़ेकर,प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग विजय झा, प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा और प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह सरकार कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उन्हें असुरक्षा की खाई में धकेल रही है। कम मानदेय वाले कर्मचारियों को 4000 रुपए मासिक विशेष भत्ता देने का प्रावधान किया गया था, उसे भी नहीं दिया जा रहा है। अनियमित कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों से आधे से भी कम वेतन देने का प्रावधान न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 एवं संविदा नियम 2012 के तहत है लेकिन न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण 2017 से एवं संविदा वेतन अगस्त 2023 के बाद वृद्धि नहीं की गई है, जिससे अनियमित कर्मचारियों के परिवारों के भरण पोषण नहीं हो पाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गयी है। भाजपा ने सरकार बनने पर 100 दिन में नियमितीकरण का वादा किया था, ये सरकार सिर्फ और सिर्फ झूठ के सहारे चल रही है।
बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
पार्टी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार न तो रोजगार दे पा रही है और न ही बेरोजगारी भत्ता देने की अपनी घोषणा पर कायम है। यह सीधा-सीधा युवाओं के साथ विश्वासघात है। सरकारी वेबसाइट से प्राप्त आंकड़े के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 14 लाख 62 हजार से भी अधिक है। लगभग 2 लाख बेरोजगार हर साल बढ़ रहे हैं। वहीं सरकारी विभागों में भर्ती नहीं होने से निराश लाखों बेरोजगारों ने पंजीयन कराने से ही मुंह मोड़ लिया है। प्रदेश में 16 लाख 62 हजार पंजीकृत बेरोजगार हैं, जिसमें से 1.29 लाख लोगों ने बेरोजगारी भत्ता योजना में पंजीयन कराया था। और अंतिम बार अगस्त-2023 में योजना की किस्त जारी की थी, लेकिन इसके बाद दोनों कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने बेरोजगारों को अनदेखा करते हुए यह योजना बंद कर दी है। वाकई बेरोजगारों के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है।
आप ने रखी ये मांगें
- सभी पात्र अनियमित कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए।
- बेरोजगार युवाओं के लिए सम्मानजनक बेरोजगारी भत्ता तुरंत लागू किया जाए।
- बेरोजगार युवाओं को जल्दी सरकारी नौकरी में रोजगार दिया जाए।
- भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और देरी पर तुरंत रोक लगाई जाए।