तिब्बती धर्म गुरु और नोबल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा आज छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। खबर के मुताबिक वे सिंहाध्रुवा पहाड़ी पर नागार्जुन गुफा देखने जाएंगे। माना जाता है कि नागार्जुन इस गुफा में काफी वक्त तक रहे थे।
नागार्जुन दूसरी शताब्दी के महान वैज्ञानिक थे। खबर है कि गुफा काफी गहरी है और किसी जंगली जानवर के भीतर होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में प्रशासन दलाई लामा को भीतर जाने से रोक भी सकता है।
नागार्जुन केमिस्ट्री के महान जानकार थे। कहा जाता है कि वे धातु से सोना बना सकते थे। उन्होंने रसरत्नाकर नाम का ग्रंथ भी लिखा था। देश ही नहीं विदेशों में भी उनकी खोज को महत्व दिया जाता है।
वे छत्तीसगढ़ आए थे और यहां एक गुफा में ध्यान साधना की थी। इस गुफा को छेरीगोदरी गुफा भी कहा जा सकता है।
इस बात का पता जब दलाई लामा को चला तो उन्होंने इस गुफा को देखने की इच्छा जताई। प्रशासन में उनकी इच्छा के मद्देनज़र गुफा के इर्द गिर्द सफाई करा दी है।