Chhath Puja in Chhattisgarh 2025: चार दिवसीय छठ महापर्व 25 अक्तूबर से नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। 28 अक्तूबर सुबह को प्रसाद के वितरण के साथ ही पूजा का समापन होगा। आज 26 अक्तूबर को खरना है। इस दौरान रविवार की शाम को व्रती महिलायें छठ पूजा स्थल महादेव घाट रायपुर पर जाकर वेदी पर दीप जलाएंगी। पूजा अर्चना करेंगी। इसके बाद 27 अक्तूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पूजा का समापन होगा। इस दौरान 27 अक्तूबर को बनारस से आये पंडितों की ओर से खारून मैया की महाआरती होगी।

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छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि छठ घाट पर समाज और नगर निगम की ओर से साफ-सफाई हो चुकी है। पूजा को लेकर सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। घाट दुल्हन की तरह सजकर तैयार है। बाकी की तैयारियां भी अंतिम चरण में है। समिति ने इस वर्ष छठ पूजा भव्यता और उत्साह से मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, अंबिकापुर, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 60 से अधिक स्थानों जैसे खारुन नदी के महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे इस वर्ष भी छठ पूजा धूम-धाम से मनाया जायेगा। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट रायपुर की बैठक में समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से छठ पूजा 2025 को भव्यता एवं पारम्परिकता से मनाने का निर्णय लिया है।
अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका और राम आएंगे... फेम स्वाती मिश्रा बांधेंगी समां
उन्होंने बताया है कि चार दिवसीय छठ महापर्व शनिवार अक्टूबर 25 को नहाय खाय के साथ शुरू हो चुका है। इस वर्ष अक्टूबर 25 से अक्टूबर 28 तक पूरे भारत सहित पूरे विश्व में छठ महापर्व हर्षोल्लास एवं परम्परा के साथ मनाया जा रहा है। छठ महापर्व उत्तर भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है। 27 अक्टूबर को शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसमें अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका और राम आएंगे... फेम स्वाती मिश्रा (मुंबई) छठ गीतों के प्रस्तुति देंगी।
राजेश कुमार सिंह ने बताया कि गंगा-जमुनी तहजीब की तरह ही रायपुर में भी भोजपुरी-छत्तीसगढ़ी संस्कृति की बयार बहेगी। भोजपुरी-छत्तीसगढ़ी दोनों संस्कृतियों का घाट पर संगम होगा। इसमें छत्तीसगढ़ी लोकधारा के मशहूर कलाकार तिलक राजा साहू और केशरी साहू छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे। नवा रायपुर अटल नगर में झांझ तालाब के किनारे भी भव्यता के साथ छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
छठी मैय्या विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर
सिंह ने कहा कि छठ महापर्व स्वच्छता का सबसे बड़ा प्रतीक है। वर्तमान में भारत सरकार की ओर से स्वच्छता का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जबकि छठ महापर्व प्राचीन काल से ही स्वच्छता का संदेश देती आ रही हैं। इस पर्व पर व्रतियों की ओर से शुद्ध प्रसाद बनाया जाता है, जिसे सूर्य भगवान को भोग लगाया जाता है। सड़क एवं घाटों की सफाई की जाती है।
मान्यताओं के अनुसार छठी मैय्या विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर हैं। छठ पर्व ही दुनिया का मात्र एक पर्व है जिसमें डूबते सूर्य एवं उगते की पूजा की जाती है। छठ पर्व को षष्ठी पूजा एवं सूर्य षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है।
देश-विदेश में मनता है ये पर्व
सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित है। त्यौहार और व्रत के अनुष्ठान कठोर हैं और चार दिनों की अवधि में मनाए जाते हैं। इनमें पवित्र स्नान, उपवास और पीने के पानी से दूर रहना, लंबे समय तक पानी में खड़ा होना और प्रसाद, प्रार्थना और सूर्य देवता को अर्घ्य देना शामिल है। बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश एवं राज्यों में जाकर बसे वहां भी अपनी संस्कृति को आज भी बचाये हुऐ हैं। छठ महापर्व नेपाल, फिजी, मॉरिशस, सूरीनाम, गुयाना एवं अन्य देशों में भी मनाया जाता है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर छठ घाट पर उप प्रमुख कन्हैया सिंह, सन्तोष सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव ब्रजेश सिंह, सह सचिव राकेश सिंह, कोषाध्यक्ष सुनील सिंह, रवींद्र सिंह, मुक्तिनाथ पांडे, शशि सिंह, परमानंद सिंह, रामकुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह गौतम, अजय शर्मा, वेद नारायण सिंह कुशवाहा, जयंत सिंह, जय प्रकाश सिंह, मनोज सिंह, रामबिलास सिंह, रवीद्र शर्मा ढोढनाथ आदि उपस्थित रहे।
एक नजर में छठ पूजा 2025
- 25 अक्टूबर को नहाय-खाय के शुरुआत
- 26 अक्टूबर को खरना
- 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य
- 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को देंगे अर्घ्य
- 27 अक्टूबर की शाम को होगी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति
- 27 अक्टूबर की शाम को होगी खारून-गंगा मैया की महाआरती
- 27 अक्टूबर की शाम को अंतर्राष्ट्रीय लोकगायिका स्वाती मिश्रा (मुंबई) देंगी छठ गीतों की प्रस्तुति
- छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की होगी प्रस्तुति
- लोकधारा के मशहूर कलाकार तिलक राजा साहू और केशरी साहू देंगे प्रस्तुति
- प्रयागराज के सोनाली एवं तरुण चोपड़ा टीम देगी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति