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CG: अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के लिए चेतना यात्रा को मिला हजारों लोगों का समर्थन, आयोजित हुई जनसभा

Sun, 03 Sep 2023 08:45 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर

सार

प्रतापपुर में चेतना यात्रा की जनसभा आयोजित की गई। प्रतापपुर में सभी वर्ग के हजारों लोगों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किया एवं रेललाइन के लिए मांग बुलंद की। 
 
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चेतना पदयात्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के लिए उत्तर प्रदेश के रेणुकूट से शुरू हुई चेतना यात्रा शनिवार शाम छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर पहुंची। रविवार को चेतना यात्रा वाड्रफनगर से प्रतापपुर पहुंची। दोनों स्थानों पर जनसभाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान समर्थन पत्र में हजारों लोगों ने हस्ताक्षर किया। जनप्रतिनिधियों के साथ सभी वर्ग के लोग चेतना यात्रा में शामिल होने पहुंच रहे हैं। 

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उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से यूपी के रेणुकूट तक रेल लाइन के लिए फाइनल सर्वे हो चुका है। इस रेल लाइन के निर्माण से उत्तर छत्तीसगढ़ सीधे दिल्ली रेल लाइन एवं बनारस से जुड़ जाएगी। इस रेल लाइन की स्वीकृति दिलाने के लिए शुक्रवार को रेणुकूट से चेतना यात्रा की शुरूआत की गई है। चेतना यात्रा में रेल संघर्ष समिति के 100 से अधिक पद यात्रियों के साथ स्थानीय नागरिक शामिल हो रहे हैं। एनआरसीसीयू सदस्य श्रीकृष्ण गौतम ने इस चेतना यात्रा का शुभारंभ किया था। इस अभियान में राज्य सभा सांसद रामसकल, मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद अजय प्रताप एवं लोकसभा सांसद पकौड़ी लाल कोल का भी सहयोग एवं समर्थन है। 

उत्तर प्रदेश से चेतना यात्रा शनिवार शाम छत्तीसगढ़ में पहुंची। वाड्रफनगर में चेतना यात्रा में छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंहदेव के भतीजे व सरगुजा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष आदितेश्वर सिंहदेव भी शामिल हुए। वाड्रफनगर में चेतना यात्रा के साथ समर्थन पत्र में सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किया। रविवार को चेतना यात्रा रेवटी, चंदौरा होते हुए प्रतापपुर पहुंची, जहां चेतना यात्रा का लोगों ने भव्य स्वागत किया। चेतना यात्रा को डांडकरवां, रेवटी, गोवर्धनपुर, धोंधा सहित अन्य पंचायतों के सरपंचों सहित नागरिकों ने अपना समर्थन दिया। 
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प्रतापपुर में चेतना यात्रा की जनसभा आयोजित की गई। प्रतापपुर में सभी वर्ग के हजारों लोगों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किया एवं रेललाइन के लिए मांग बुलंद की। रेल संघर्ष समिति के मनीष सिंह ने कहा कि यह रेल लाइन की मांग काफी समय से है, यह एक पुरानी मांग है। मुकेश तिवारी ने बताया कि सोमवार को चेतना यात्रा अंबिकापुर पहुंचेगी। अंबिकापुर में चेतना यात्रा मुख्यमार्गों से निकाली जाएगी एवं कलाकेंद्र मैदान में जनसभा का आयोजन किया जाएगा। 

144 किलोमीटर लाइन में खर्च हांगे 1400 करोड़ 
रेणुकूट से अंबिकापुर को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेलवे की तरफ से प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेणुकूट से अंबिकापुर तक की 144 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के सर्वे के बाद बनने वाले पुलों और अन्य कार्यों के लिए मृदा परीक्षण का भी काम रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कर लिया गया है।  144 किलोमीटर लंबी रेल लाईन परियोजना के लिए करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान जताया गया है। जिसमें से सिविल इंजीनियरिंग 1096 करोड़, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग 170.44 करोड़ और स्टेशन सहित अन्य मद में 131.36 करोड़ की राशि खर्च होगी।

11 स्टेशन होंगे
इस मार्ग पर प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों में छत्तीसगढ़ में आठ स्टेशन होंगे, जिनमें अंबिकापुर, मंजीरा, मायापुर, प्रतापपुर देवरी, डांडकरंबा, वाड्रफनगर व पशुपतिपुर हैं। वहीं तीन स्टेशन करकच्छी, किरबिल व रेणुकूट सोनभद्र जिले में आएगा। 

रेलवे के लिए लाभकारी
प्रस्तावित रेल लाइन से जहां उत्तर छत्तीसगढ़ सीधे यूपी एवं दिल्ली मेन लाइन से जुड़ जाएगा, वहीं यह रेलवे के लिए भी फायदे का सौदा होगा। प्रस्तावित सर्वे में इसका लाभ प्रतिशत का रेसियो बहुत बेहतर श्रेणी में हैं। उक्त मार्ग से सूरजपुर एवं बलरामपुर जिले की सभी कोयला खदानों व प्रस्तावित कोल ब्लाकों से कोल परिवहन का सीधा मार्ग मिल जाएगा।

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