Arun Sao on P Chidambaram Remark: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से सशस्त्र नक्सलियों के खात्मे से दिमागी नक्सली बेहद आहत और दुखी हैं।
Arun Sao on P Chidambaram Remark: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से सशस्त्र नक्सलियों के खात्मे से दिमागी नक्सली बेहद आहत और दुखी हैं। इनके गलत इरादों से लोगों को सावधान रहना होगा। नक्सलवाद को लेकर कहा कि कांग्रेसियों के बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेसी कभी नहीं चाहते कि देश से और बस्तर से नक्सलवाद खत्म हो।
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उन्होंने कहा कि आज बस्तर में पूरी तरह से सशस्त्र नक्सलवाद खत्म हो चुका है। कोई भी व्यक्ति बस्तर में जाकर आसानी से इस बात को महसूस कर सकता है। आम लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। उनके रहन-सहन, स्वभाव में बदलाव आया है। 'दिमागी नक्सली' को लेकर कहा कि कांग्रेसी हमेशा से देश की एकता के खिलाफ काम करते हैं। देश के संविधान के खिलाफ काम करते हैं। छुप-छुपकर तो कभी प्रत्यक्ष रूप से देश की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। यह समय इस मानसिकता के लोगों से देश को बचाने और बचने का है। कांग्रेस नेताओं के बयान से मालूम चलता है कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती है कि देश में नक्सलवाद खत्म हो।
साव ने कांग्रेस की ली चुटकी
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि बस्तर के नागरिकों के जीवन में खुशहाली आए, तरक्की आए, उन्हें बेहतर शिक्षा मिले। यह कांग्रेस के नेता कभी नहीं चाहते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी इसके लिए कुछ किया ही नहीं, तो क्या कहेंगे। कांग्रेसी चाहते भी नहीं है कि आदिवासियों को बस्तर में कुछ मिले। इसलिए नक्सलवाद के समर्थन में अलग-अलग तरीके से, अलग-अलग मंचों पर हमेशा बयान देते रहते हैं।
'तबादला उद्योग' पर करारा पलटवार
वहीं कांग्रेस के 'तबादला उद्योग' पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ जनता है की तबादला उद्योग किसके इशारे पर चलता था। तबादला उद्योग चलाने वाले इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने गिरेहबान में झांके, फिर बात करें। वास्तविकता यह है कि स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किए जाते हैं। प्रशासकीय जरूरत के आधार पर ट्रांसफर किए जाते हैं और इसी आधार पर हुआ भी है।