CG News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के महादेव घाट तट पर प्रतिदन होने वाली खारून गंगा मैया आरती को लेकर विवाद गहराया हुआ है। यहां के कुछ असमाजिक तत्व सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिये होने वाली इस आरती का विरोध जताया है। आरती करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। अब इस मामले में कुछ असमाजिक तत्वों शह पर राजनीति हो रही है। मामले में खारून गंगा मैया आरती के प्रमुख आयोजक वीरेंद्र सिंह तोमर ने ऐलान करते हुए कहा है कि चाहें “मैं जेल चला जाऊं या मेरी हत्या कर दी जाए, लेकिन खारून गंगा मैया की आरती कभी बंद नहीं होगी। यह आरती हमारी आस्था का सवाल है। इसे कोई खत्म नहीं कर सकता।
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उन्होंने कहा कि यह आरती न केवल प्रदेश की गहरी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता, एकजुटता और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का भी एक मजबूत माध्यम है। लेकिन हाल के दिनों में यह आयोजन कुछ असामाजिक तत्वों को खटकने लगा है। आयोजकों को आरती बंद करने की धमकियां दी जा रही हैं और जानबूझकर आयोजन में बाधाएं उत्पन्न की जा रही है।
तोमर ने बताया कि यह आयोजन निरंतर सनातन धर्म को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को आध्यात्म से जोड़ने और समाज में सकारात्मकता फैलाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ लोग इस दिव्य परंपरा को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे शांति और श्रद्धा का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने माँ खारून गंगा आरती महादेव घाट समिति प्रशासन और समाज के सभी वर्गों से अपील किया है कि इस धार्मिक आयोजन की रक्षा के लिये लोग एक साथ खड़े हो।
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दूसरी ओर माँ खारुन गंगा महाआरती महादेव घाट जन सेवा समिति एवं करणी सेना के तत्वावधान में विगत तीन वर्षों से माँ खारुन गंगा महाआरती एवं हटकेश्वर महादेव की पूजा कराई जा रही है। यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिये आयोजित किया जा रहा है। ऐसे कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस धार्मिक आयोजन को बाधित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 30 मार्च 2025 की रात्रि में गंगा आरती घाट पर लगे बैनर-पोस्टर को उपद्रवियों द्वारा फाड़ दिया। इतना ही नहीं समिति के सदस्यों और आरती संपन्न कराने वाले ब्राह्मणों को धमकी दी गई है कि यदि आरती जारी रही तो उन्हें भी बख्शा नहीं जायेगा। इस लेकर संगठन ने डीडी नगर थाने में आवेदन भी सौंपा था।