अमनदत्त ठाकुर उर्फ स्वामी अभिरामदास
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इस संबंध में छत्तीसगढ़ संत समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलकर उत्तराखंड सरकार दचलाये गये आपरेशन कालनेमी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी फर्जी साधु संतों की धरपकड़ करने की मांग की गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने कार्यवाही का आश्वासन दिया था।
छत्तीसगढ़ संत समाज ने लगाए ये आरोप
- अपनी आध्यत्मिक शक्तियों के द्वारा गर्भ पूर्व लिंग परीक्षण की बात करना और अपनी तथाकथित शक्ति के माध्यम से लड़का है कि लड़की यह बताना।
- समाज के प्रतिष्ठित जनों को तांत्रिक तथा घर परिवार की महिलाओं को टोनडी बताना और परिवार या समाज में उनके विरुद्ध भय का माहौल बनाना।
- फर्जी गौशाला का संचालन कर प्रचार पसार करना तथा अपने खातों में ऑनलाइन पैसे मंगाना और अपने चेलों के खातों में उनको हस्तांतरित करना। गौशाला के लिए आए दान के पैसों से कार खरीदकर लोगों को दान से प्राप्त बताया जाता है।
- इनके एक पूर्व शिष्या का कहना है कि इनके द्वारा किये गये व्यवहार से मैं डिप्रेशन में चली गई थी, जिससे आत्महत्या जैसे कार्य का प्रयास भी किया है।
- कन्याओं को यूटरस कालने के लिए प्रेरित करना।
- बन्हचर्य के सिद्धांतों के विपरीत दिनभर कन्याओं से घिरे रहना और उनसे अपनी वेशभूषा करवाना।
- धर्म की आड में अन्य साधू संतो के त्याग एवं तपस्या का अपमान एवं उपहास करते हुये अपने को सर्वश्रेष्ठ बताना।
- भागवत कथा में पंडित धीरेन्द्र शास्त्री जी (बागेश्वर महराज) और प्रदीप मिश्रा के बारे में अनर्गल टिप्पड़ी करना
- ट्रस्ट बनाकर ट्रस्ट के आड़ में मनी लॉड्रिंग तथा कलेक्टर महोदय के पास फर्जी दस्तावेज जमाकर डाक्यूमेंट्री फ्रॉड
- पुलिस जांच में न गौशाला पायी गई और न ही ट्रस्ट पाया गया, सिर्फ कागजों में चंदा उगाही का कार्य जोरों से लगातार भागवत के आड़ में किया जा रहा है।
- कुम्भ के आड़ में 75 लाख रूपये से अधिक की ठगी
रायपुर एसएसपी को संत समाज रायपुर ने सौंपा आवेदन
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महिला ने बाबा के खिलाफ लगाये हैं कई गंभीर आरोप
इससे पूर्व में राजधानी रायपुर के बोरियाखुर्द नवरंग चौक निवासी प्रमिला बाबुरिक (लोधी क्षत्री) ने इस बाबा के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उसके आरोपों पर जांच के बाद उसे न्याय नहीं मिला तो वे परिवार के साथ उक्त बाबा के घर के सामने आत्मदाह करेगी। इस संबंध में रायपुर एसएसपी से शिकायत भी की थी।
'बेटे को सन्यास के लिए उकसाया'
महिला ने आरोप लगाए हैं कि संत अमनदत्त ठाकुर उर्फ अभिरामदास ने उनके छोटे पुत्र प्रशांत कुमार बाबुरिक को धर्म के नाम पर बरगला कर उसे सन्यास के लिए उकसाया। बाबा भोले-भाले लोगों को अपनी जाल में फंसाकर वृंदावन के आश्रम में ले जाता है, जहां उन्हें नौकरों की तरह काम करने के लिए मजबूर करता है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार निम्न वर्ग से है और उन्होंने अपनी हैसियत से अधिक खर्च कर प्रशांत की शिक्षा पूरी कराई थी, ताकि वह परिवार का सहारा बने।, लेकिन संत अमनदत्त ठाकुर ने उनके बेटे को भागवत कथा जैसे आयोजनों में शामिल होने के बाद सन्यास के लिए प्रेरित किया। बाबा ने प्रशांत को नया नाम ‘शेष नारायण वैष्णव’ देने और परिवार का त्याग कर उनके साथ वृंदावन जाने के लिए कहा। परिवार के विरोध करने पर बाबा ने धमकी दी कि अगर प्रशांत को सन्यास लेने से रोका गया, तो वह पागल हो जाएगा या किसी दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को आवेदन सौंपता संत समाज का प्रतिनिधि मंडल
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