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महादेव बेटिंग एप: कौन है सौरभ चंद्राकर? ऑनलाइन सट्टेबाजी का बॉलीवुड कनेक्शन, जानिए

Tue, 03 Nov 2026 10:45 AM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप केस के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के दो दिन के ट्रांजिट रिमांड की सीबीआई को मंजूरी मिल गई है। सीबीआई आज मंगलवार को सौरभ चंद्राकर को रायपुर लायेगी। दोपहर या शाम तक उसे रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी, जहां से सौरभ को रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है। 
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप केस के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के दो दिन के ट्रांजिट रिमांड की सीबीआई को मंजूरी मिल गई है। सीबीआई आज मंगलवार को सौरभ चंद्राकर को रायपुर लायेगी। दोपहर या शाम तक उसे रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी, जहां से सौरभ को रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है। इसके बाद सीबीआई आरोपी से महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में पूछताछ कर कई अहम खुलासे कर सकती है।
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पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश सरकार में पांच साल तक राज्य में सीबीआई के बैन के बाद दिसंबर 2023 में सूबे में सत्ता बदलने के बाद बीजेपी सरकार ने राज्य में पांच साल से सीबीआई पर लगे बैन को हटा दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ में सीबीआई ने दस्तक दी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सीजीपीएससी 2021 की भर्ती में हुई अनिमितता और बिरनपुर हिंसा मामले के बाद महादेव एप घोटाले के जांच की कमान संभाली। सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में फरार मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की फाइल खोली और जांच शुरू की।

भूपेश सरकार में शुरू हुई थी जांच
अक्टूबर 2022 में कांग्रेस की भूपेश सरकार के दौरान ईडी ने महादेव सट्टा एप मामले की जांच शुरू की थी। दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में पुलिस ने पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। इन्हीं केस के आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच की फाइल को आगे बढ़ाया था। 
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जानें पूरा मामला
महादेव बेटिंग एप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया है। इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे। एप के जरिये क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी। अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिये एप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले। इस एप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था। इस मामले में रणवीर कपूर पर भी अवैध रूप से पैसे बनाने का आरोप लगा है। इसे लेकर ईडी ने कार्रवाई की है।  


फ्रेंचाइजी के रूप में चलाते थे एप
महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था। छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक एप के मेन प्रमोटर हैं। ये अपनी गतिविधियां दुबई से संचालित करते थे। हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे। यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता। फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे। इसे ऐसे बनाया गया था कि सिर्फ 30 फीसदी यूजर जीतते, बाकी हार जाते। इस एप के जरिए हुई कमाई को हवाला के जरिए होटल कारोबार और फिल्मों में लगाया गया। 


महादेव बेटिंग एप का बॉलीवुड कनेक्शन 
दरअसल, इस एप से जो भी काली कमाई होती थी उसे प्रमोटर बॉलीवुड फिल्मों और होटल के व्यापार में करते थे। धीरे-धीरे रवि और सौरभ की बॉलीवुड हस्तियों से पहचान हो गई। अब बारी आती है दुबई में हुई सौरभ की आलीशान शादी की। एजेंसी की मानें, तो सौरभ ने अपनी शादी में परफॉर्मेंस के लिए कई बॉलीवुड हस्तियों को बुलाया। यही नहीं सौरभ ने सेलेब्स को नागपुर से दुबई ले जाने के लिए कई प्राइवेट जेट्स तक हायर किए थे। एप प्रमोटर ने अपनी शादी में परफॉर्मेंस के लिए 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि नकदी के रूप में दी। डिजिटल भुगतान से हुए खुलासे के मुताबिक अकेले 112 करोड़ रुपये हवाला के जरिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स को दिए गए। वहीं 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग नकद भुगतान करके की गई थी। ईडी ने बॉलीवुड सेलेब्स रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, कपिल शर्मा, हिना खान और हुमा कुरैशी को पूछताछ के लिए बुलाया था।   


कौन है आरोपी सौरभ चंद्राकर?
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह पहले भिलाई में जूस फैक्ट्री नाम से एक दुकान चलाता था। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। सौरभ की एक जूस की दुकान थी। इससे पहले वह कपड़े की दुकान में काम करता था। साल 2017 में उसने ऑनलाइन सट्टे का कारोबार शुरू किया। इसके बाद 2019 में वह दुबई चला गया और वहां से इस कारोबार को तेजी से बढ़ाया।अपने दोस्त रवि उत्पल को भी बुलाया। इसके बाद उसने महादेव ऐप लांच किया और देशभर में क्रिकेट, फुटबॉल और ताश के खेलों पर ऑनलाइन सट्टे का जाल बिछाया। सीबीआई के अनुसार, यह देश का सबसे बड़ा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क था, जो विदेश से चल रहा था। उस पर साल 2021 के आईपीएल के दौरान 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का सट्टा चलाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी कारोबार से उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई। वहीं, ईडी ने इस मामले में अब तक 4,336 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। सौरभ चंद्राकर साल 2019 से फरार था और उस पर करीब 5,000 करोड़ रुपये के ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े आरोप हैं। सौरभ ने रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया। फिर देखते ही देखते यह ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क बन गया। यह मामला सामने आने के बाद से सौरभ कई साल से फरार था।


शादी में खर्च किए थे 200 करोड़, कई बॉलीवुड हस्तियों को था बुलाया
सौरभ चंद्राकर ने दुबई में शादी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने शादी में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस शादी में बॉलीवुड के कई स्टार शामिल हुए थे। उसने अपने रिश्तेदारों को भारत से बुलाने के लिए प्राइवेट प्लेन किए थे। इतना ही नहीं अपनी शादी में परफॉर्मेंस के लिए कई बॉलीवुड हस्तियों को बुलाया। सेलेब्स को नागपुर से दुबई ले जाने के लिए कई प्राइवेट जेट्स तक हायर किए थे। एप प्रमोटर ने अपनी शादी में परफॉर्मेंस के लिए 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि नकदी के रूप में दी। डिजिटल भुगतान से हुए खुलासे के मुताबिक अकेले 112 करोड़ रुपये हवाला के जरिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स को दिए गए। वहीं 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग नकद भुगतान करके की गई थी। 


कोर्ट से मिली रिमांड
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी सौरभ चंद्राकर को आगे की जांच के सिलसिले में रायपुर लाने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में ट्रांजिट रिमांड की मांग रखी थी। अदालत ने जांच एजेंसी की दलीलों पर विचार करने के बाद दो दिन की ट्रांजिट रिमांड स्वीकार कर लिया।


होंगे कई अहम खुलासे!
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले की जांच में अदालत के इस आदेश के साथ नया मोड़ आ गया है। छत्तीसगढ़ में दर्ज ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े मामलों की जांच के लिहाज से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजधानी रायपुर पहुंचने के बाद जांच एजेंसी आरोपी सौरभ चंद्राकर से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर सकती है। इसमें कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
 

छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गलियारे में बढ़ी हलचल
अब मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है, तो ऐसे में इस बात की चर्चा है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे हलचल बढ़ गई है। इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद बढ़ गई है। 


इधर, रवि उप्पल की तलाश जारी
केंद्रीय जांच एजेंसियां सौरभ को भारत लाने की कोशिशें काफी समय से कर रही थीं। इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने अक्टूबर 2024 में चंद्राकर को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया और उन्हें हाउस अरेस्ट में रखा था। भारत ने उसी महीने उनके प्रत्यर्पण के लिए आधिकारिक अनुरोध भेजा था। हालांकि, उस अनुरोध पर आगे कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच, चंद्राकर के कथित सहयोगी और बेटिंग नेटवर्क के सह-संस्थापक रवि उप्पल यूएई से फरार हो गया। खाड़ी देश के अधिकारियों ने उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई रोकने का फैसला किया था, जिसकी खबर 4 नवंबर 2025 को सामने आई थी। हालांकि रवि उप्पल की मौजूदा लोकेशन अभी तक मालूम नहीं चल सका है।
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