फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG Liquor Scam: 182.98 करोड़ ओवरटाइम पेमेंट स्कैम में केडिया डिस्टिलरी का वीपी गिरफ्तार, इतने करोड़ हुआ था गबन

Thu, 14 May 2026 02:03 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

Chhattisgarh Liquor Scam: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला केस में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Chhattisgarh Liquor Scam: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला केस में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस मामले में केडिया डिस्टलरी के वाइस प्रेसिडेंट (वीपी) एन उदय राव को गिरफ्तार किया है। राव पर प्लेसमेंट कंपनी का हेड होने के नाते 34.07 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है।
विज्ञापन


जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने 13 मई को इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कोर्ट में आरोपी को पेश कर 18 मई तक की रिमांड पर लिया है। इस घोटाले में अब तक ये 12 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें शराब कारोबारी अनवर ढेबर और आबकारी अधिकारी नवीन प्रताप तोमर जैसे लोग जेल की हवा खा रहे हैं।

दुकानों तक पहुंचाई जाती थी डिस्टलरी से अवैध शराब 
जांच में यह तथ्य सामाने आया कि दुर्ग-भिलाई जिले के कुम्हारी स्थित डिस्टलरी से अवैध शराब सीधे दुकानों तक पहुंचाई जाती थी। बाद में सिंडिकेट के जरिये इसे खपाया जाता था। इस तरह से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि कर्मचारियों के बोनस और भत्तों के पैसों का भी गबन किया गया। नवीन केडिया के निर्देश पर ही उदय राव इन कंपनियों का प्रबंधन देख रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद घोटाले की कई और परतें भी खुल सकती है। कई बड़े चेहरों पर कार्रवाई हो सकती है। ईओडब्ल्यू हेड क्वार्टर में उदय राव से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में प्लेसमेंट कंपनियों के सात डायरेक्टर्स की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। 
विज्ञापन


‘ए टू जेड’ प्लेसमेंट कंपनी का मुखिया बनकर किया गबन
बताया जाता है कि उदय राव डिस्टलरी का काम संभालने के साथ ही ‘ए टू जेड’ नामक प्लेसमेंट कंपनी का छत्तीसगढ़ का मुखिया बनकर काम कर रहा था। ‘ए टू जेड इंफ्रा सर्विसेज’ के नाम पर 18.34 करोड़ का ओवरटाइम और 16.73 करोड़ का हॉली डे-पे निकाला गया। इसी तरह ‘अलर्ट कमांडोज’, ‘प्राइम वन वर्कफोर्स’ और ‘ईगल हंटर सॉल्यूशन’ जैसी अन्य कंपनियों का उपयोग भी इस अवैध सिंडिकेट के माध्यम से करोड़ों रुपये गबन के लिए किया गया। डिस्टलरी मालिक अपनी पहुंच का फायदा उठाकर प्लेसमेंट कंपनियों को फैक्ट्री के आसपास के जिलों जैसे दुर्ग और रायपुर में ठेके दिलाने में कामयाब रहे। ‘ए टू जेड’ कंपनी को इन क्षेत्रों की शराब दुकानों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें