छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी
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CG Finance Minister OP Choudhary on Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस के आर्थिक नाकेबंदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के बेटे को बचाने के लिए जिस प्रकार से सारे कांग्रेसी नेता सड़क पर उतरे हैं। क्या वैसे ही अन्य नेताओं के लिये भी सड़क पर उतरेंगे। सड़क पर उतरकर दूसरों पर आरोप लगाने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के दौरान किये गये भ्रष्टाचार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस डूबती नाव है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के सत्ता में आने से पहले पिछले पांच साल तक जिस विकास पर ग्रहण लगा हुआ था, मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि वही ‘विकास’ आज राजनीति का केंद्रीय बिंदु बन चुका है। हम पूरे प्रदेश के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र में भी उसी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत हैं। विकास को 'कम' या 'ज्यादा' की कसौटी पर नहीं तौला जाना चाहिए। इसके बजाय, सकारात्मक, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देना चाहिए। यही मेरी राजनीति का मूल सिद्धांत है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस से पूछे पांच सवाल-
- क्या भूपेश बघेल के शासनकाल में 16 अक्टूबर 2019 को जनसुनवाई नहीं कराई गई थी?
- क्या 31 मार्च 2021 को गारे पेलमा सेक्टर-2 के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की सिफारिश तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया था?
- क्या 19 अप्रैल 2022 को कांग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार रहते हुए फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज वन) की स्वीकृति की सिफारिश नहीं की गई थी?
- क्या 23 जनवरी 2023 को 'फॉरेस्ट क्लीयरेंस'(स्टेज 2) की सिफारिश भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार रहते हुए नहीं की गई थी?
- क्या महाराष्ट्र में MAHAGENCO महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के द्वारा अडानी ग्रुप को एमडीओ बनाया गया था तब उस समय कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार वहां नहीं थी?