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बिजली बिल वृद्धि पर कांग्रेस ने भरी हुंकार: स्मार्ट मीटर बदलने के लिए 17 जून को बिजली दफ्तरों का करेगी घेराव

Tue, 16 Jun 2026 05:56 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
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कांग्रेस ने ली प्रेस कॉन्फ्रेंस - फोटो : Amar ujala digital
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पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बिजली बिल वृद्धि का जमकर विरोध किया। राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता मैं उन्होंने कहा कि बिजली के दाम बढ़ाना जनता पर अत्याचार, कांग्रेस बिजली के दाम पांचवी बार बढ़ाये जाने का विरोध करती है। बिजली के दाम बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर वापस लेने के लिए पार्टी 

आंदोलन करेगी। 17 जून को प्रदेश के सभी जिलो में बिजली दफ्तर का घेराव करेगी 

 

बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री है उनका पुतला दहन किया जायेगा। 18 जून को जिला सभी जिलो में पत्रकार वार्ता लेकर बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध किया जायेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे और गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोतरी की है। भाजपा सरकार ने किसानों को भी नहीं बख्शा। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की वृद्धि की गयी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये हैं। पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। सरकार उसमें राहत देने के बजाय बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कर रही है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोतरी किया था।

 

बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है। पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑनलाइन, ऑफलाइन में अलग बिल भेजा जा रहा है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता। स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिजली बिल औसत से तीन गुना आया है। जनता बढ़े बिजली बिल से परेशान हो गयी है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय जनता को लूटने में लगी है।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जनता बिजली कटौती से परेशान है। सरकार 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रही ऊपर से अनाप-शनाप बिजली बिल भेज रही है। एक हजार रू. महतारी वंदन का देते है, और बिजली बिल के रूप में 4000 लेते है। बिजली के बढ़े बिल से पिछले ढाई साल से जनता पर बोझ डाला जा रहा था लेकिन इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई है। औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल तीन गुना आया है। हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है।

 

पीसीसी ची ने कहा कि बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है। पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा। अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाये गये है। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले।

 

पत्रकारवार्ता को वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी संबोधित किया।

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