पाटन के अपर सत्र न्यायालय सुनाया उम्र कैद की सजा
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दुर्ग जिले के पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने अमलेश्वर स्थित समृद्धि ज्वेलर्स में सराफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या करने और लूटपाट के मामले में चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा, अभय कुमार भारती उर्फ बाबू, सौरभ कुमार सिंह और आलोक कुमार यादव को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 व 34 के तहत चारों को उम्रकैद और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी। इसके अलावा धारा 449 व 34 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 397 व 34 में सात वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 1-1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
यह वारदात 20 अक्तूबर, 2022 को हुई थी। अमलेश्वर के तिरंगा चौक स्थित बजरंग कॉम्प्लेक्स में सुरेंद्र सोनी समृद्धि ज्वेलर्स नाम की दुकान चलाते थे। घटना के दिन सुबह 10:30 बजे उन्होंने दुकान खोली थी। दोपहर करीब 12:30 बजे दो युवक आभूषण देखने के बहाने दुकान में घुसे। उस समय सुरेंद्र सोनी का बेटा तनिष्क घर पर अपने मोबाइल फोन पर दुकान के सीसीटीवी कैमरे की लाइव रिकॉर्डिंग देख रहा था। दोपहर करीब 1:00 बजे उसने दोबारा मोबाइल में देखा, तो दोनों आरोपी काउंटर के अंदर घुसकर लॉकर से गहने निकाल रहे थे। तनिष्क तुरंत मोटरसाइकिल से दुकान की तरफ भागा। रास्ते में उसने तीन लोगों को एक मोटरसाइकिल पर जाते देखा। दुकान पहुंचने पर सुरेंद्र सोनी खून से लथपथ मिले और लॉकर खुला पड़ा था।
वाराणसी से पुलिस ने किए गिरफ्तार
पुलिस ने घटनास्थल की जांच करके 7.65 एमएम के चार खाली कारतूस, एक जीवित कारतूस और देसी कट्टे का एक खाली खोखा बरामद किया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर दुकान का डीवीआर जब्त किया। गहन छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। इसमें अनुपम बिहार के वैशाली, सौरभ बिहार के गया, आलोक बिहार के छपरा और अभय उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का निवासी है। पुलिस की टीम ने चारों आरोपियों को वाराणसी से गिरफ्तार किया।
अवैध हथियार रखने पर भी मिली सजा
अभियोजन पक्ष ने अदालत में चश्मदीद गवाहों, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों को पेश किया। आरोपी लूट के इरादे से पिस्टल और देसी कट्टा लेकर दुकान में घुसे थे। विरोध करने पर उन्होंने व्यापारी को गोली मार दी थी। अदालत ने अभय भारती और सौरभ सिंह को अवैध हथियार रखने तथा उनका इस्तेमाल करने के लिए भी दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों को आयुध अधिनियम की धारा 25(1) में दो वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 27(3) में अलग से उम्रकैद और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।