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अजय चंद्राकर ने कहा: स्टड फार्म चला रहे हैं राहुल गांधी; छत्तीसगढ़ में उनके 'घोड़े बीमार',अब वो वहीं रहने लायक

Wed, 04 Jun 2025 01:02 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

MLA Ajay Chandrakar on Rahul Gandhi: छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सांसद राहुल गांधी के बयान पर जमकर निशाना साधा है। 
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कुरूद बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, सांसद राहुल गांधी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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MLA Ajay Chandrakar on Rahul Gandhi: छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सांसद राहुल गांधी के बयान पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं चला रहे हैं, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह कोई स्टड फार्म चला रहे हैं और "घोड़े की खेती" कर रहे हैं। वे घोड़ों के बारे में नॉलेज बढ़ा रहे हैं। उन्हें तो कांग्रेस पार्टी का नाम बदलकर "स्टड फार्म" गांधी परिवार प्राइवेट लिमिटेड" कर देना चाहिए।
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वरिष्ठ बीजेपी विधायक चंद्राकर ने कहा कि जिस तरह चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखा जाए, खासकर राहुल गांधी के सक्रिय राजनीति में आने के बाद उनके प्रदर्शन को देखे तों, तो साफ दिखता है कि वे खुद ही पार्टी के लिए एक "लंगड़े घोड़े" साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी के सभी घोड़े "बीमार" हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के सभी कांग्रेस नेताओं को किसी स्टड फार्म में भर्ती कर देना चाहिए, जहां बीमार घोड़ों के इलाज और देखरेख के लिए अस्पताल होता है। अब वे वहीं रखने लायक हो गए हैं। अंबानी ने जामनगर में पशुओं के देखरेख के लिए जो 'वनतारा' बनाया है, छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों को वहीं भेज देना चाहिए।
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जानें क्या कहा था राहुल गांधी ने
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कहा था कि पार्टी में कई ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पूरी ताकत के साथ काम करते हैं, जबकि ऐसे भी कई कार्यकर्ता हैं जो अब थक चुके हैं, ऐसा लग रहा है कि वह रेस में थक चुके हैं, ऐसे में अब समय आ गया है कि रेस के घोडे़ और बारात के घोड़े को अलग कर देना चाहिये। मैं पहले कहा करता था कि दो टाइप के घोड़े हैं, लेकिन अब मैं ये मानता हूं कि दो नहीं बल्कि तीन टाइप के घोड़े हैं। एक रेस का घोड़ा, एक बारात का घोड़ा और तीसरा लंगड़ा घोड़ा। अब समय आ गया है कि हम लंगड़े घोड़े को अलग करें। ऐसे कार्यकर्ता अगर बाकी घोड़ों यानी कार्यकर्ताओं को तंग करेंगे, तो उन पर कार्रवाई होगी। 
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