कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र में ग्रामीणों के लगभग 40 गौवंशों को गौशाला भेजने के नाम पर चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने धमतरी निवासी हेमंत यादव और खरतूली निवासी प्रियेश साहू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गौवंश बिक्री की रकम में से 32 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक मारुति ब्रेजा कार जब्त की है। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य 12.42 लाख रुपये है। मामले में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से आठ आरोपियों को पुलिस पहले ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है।
गौशाला भेजने के नाम पर धोखाधड़ी
नरहरपुर निवासी रविकांत ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि क्षेत्र के ग्रामीणों की गाय और बछड़े 30 सितंबर की रात से लापता हैं। जांच में पता चला कि हिमांशु तिवारी और गौरव सोरी ने आवारा और लावारिस मवेशियों को गौशाला भेजने की बात कहकर ग्रामीणों से संपर्क किया था। आरोपियों ने मवेशियों को धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र स्थित पंडरीपानी गौशाला भेजने का दावा किया था। इसके बाद वे नरहरपुर हाईस्कूल खेल मैदान से लगभग 40 गौवंशों को पिकअप वाहनों में भरकर ले गए। ग्रामीणों ने जब संबंधित गौशाला पहुंचकर जानकारी ली, तो वहां नरहरपुर से कोई भी मवेशी नहीं पहुंचने की बात सामने आई।
ओडिशा में बेचे गए मवेशी
पुलिस ने पूछताछ में आरोपियों ने गौशाला भेजने के बहाने लगभग 40 गौवंशों की चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने धमतरी में घेराबंदी करके मुख्य फरार आरोपी हेमंत यादव और प्रियेश साहू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले गिरफ्तार हिमांशु तिवारी और गौरव सोरी के साथ मिलकर चोरी किए गए मवेशियों को ओडिशा के पापड़ाहांडी ले जाकर 85 हजार रुपये में बेचा था। आरोपियों ने खुद को बचाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरी जगह से मवेशी लाकर उन्हें नरहरपुर से लाए गए मवेशी बताया था।
पशु क्रूरता कानून की धाराएं जोड़ीं
आरोपियों ने मवेशियों को वाहनों में ठूंस-ठूंसकर भरा था और उन्हें ओडिशा के पापड़ाहांडी स्थित कत्लखाने ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) जोड़ी है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।