दुर्ग जिले के भिलाई में न्यायालय के आदेश पर सुपेला थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक को झूठे मामले में फंसाने और भ्रामक शिकायतें करने के आरोप में एस-स्क्वायर आयरोमैक्स प्रा. लि. के तीन अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई दुर्ग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत के निर्देश के बाद शुरू की है। आरोपी अधिकारियों में कंपनी के प्रबंध निदेशक समेत सतनाम सिंह, विभूति भूषण बाबू और श्रीराम गुप्ता शामिल हैं, जिन पर आपस में मिलीभगत कर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है।
वाहन से जुड़े विवाद में झूठी शिकायत
मामले की शुरुआत स्कार्पियो एन वाहन से संबंधित शिकायत से हुई थी। कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह ने 13 अक्तूबर, 2025 को जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वाहन उप पुलिस अधीक्षक ने वापस नहीं किया है। जांच के दौरान वाहन के मूल स्वामी अंकित सिंह ने भी 7 नवंबर, 2025 को अपनी शिकायत पेश की। पुलिस जांच में कंपनी और अंकित सिंह के बीच लेनदेन का विवाद सामने आया। जांच के बाद जामुल थाना पुलिस ने संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया। इसके बाद पुलिस ने 20 फरवरी को सतनाम सिंह और 21 फरवरी को अंकित सिंह को जांच निष्कर्ष की सूचना प्रदान कर दी।
जांच के निष्कर्ष को छिपाकर दोहराए आरोप
पूर्व जांच के निष्कर्षों को छिपाकर आरोपियों ने लगातार झूठी और तथ्यहीन शिकायतें प्रस्तुत कीं। उन्होंने 27 मई को पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जामुल थाने में फिर से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, आरोपियों ने 14 जुलाई को सुपेला थाने में भी शिकायत की। उप पुलिस अधीक्षक ने अपने खिलाफ हो रही इस साजिश के विरोध में 29 मई को पुलिस महानिदेशक व पुलिस अधीक्षक तथा 6 जुलाई को मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत भेजी। इसके बाद उन्होंने 17 जुलाई और 21 जुलाई को सुपेला थाने में आवेदन दिया, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत के आदेश पर मामला दर्ज
दुर्ग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत ने 11 सितंबर को पेश दस्तावेज के अवलोकन के बाद फैसला दिया। अदालत ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों द्वारा मिथ्या सूचना देने, लोक सेवक के कृत्यों में बाधा डालने, मिथ्या शिकायत व साक्ष्य तैयार करने, क्षति पहुंचाने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप लगाने, छल करने और आपराधिक षड्यंत्र करने का अपराध प्रथम दृष्टया दर्शित होता है। न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत सुपेला थाना प्रभारी को तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।