छत्तीसगढ़ में बर्खास्त बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। साल 2023 की सीधी भर्ती में सेवा समाप्त किए गए 2621 सहायक शिक्षकों समायोजित करने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है। इन्हें सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित किया जाएगा। बर्खास्त होने के बाद बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों ने राजधानी के नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कई तरह से विरोध प्रदर्शन किए।
आज बुशवर को विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बीएड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।
अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बीएड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु तीन वर्ष की अनुमति दी जाएगी।
साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एससीईआरटी के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा।
जानें क्या-क्या हुआ
बर्खास्त होने के बाद बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों ने राजधानी के नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने अंबिकापुर से रायपुर तक पैदल अनुनय यात्रा, महिला-पुरुष शिक्षकों ने सामूहिक मुंडन, यज्ञ और हवन, जल सत्याग्रह, सामूहिक अनशन, मतदान बहिष्कार, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन की शवयात्रा, दंडवत यात्रा, पैदल दांडी मार्च, अर्धनग्न प्रदर्शन, भगत-राजगुरु-सुखदेव बनकर सड़कों पर प्रदर्शन किया।