छत्तीसगढ़ में इंदिरा प्रियदर्शिनी सीडी कांड जोर पकड़ता जा रहा है। एक तरफ भाजपा इसे किसी तरह भुला देना चाहती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को किसी हालत में हाथ से जाने देना नहीं चाहती।
शहर की महापौर किरणमयी नायक ने तो यह भी कोशिश की कि इस सीडी को रायपुर के चौराहों पर दिखाया जाए लेकिन प्रशासन से उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली।
बाद में उन्होंने नुक्कड़ नाटकों के जरिए इस सीडी की बात को लोगों तक पहुंचाने की सोची लेकिन प्रशासन ने उन्हें इस बार भी अनुमति नहीं दी।
हालांकि राजनीतिक प्रदर्शन पर रोक लगाने के दोनों फैसलों ने जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। और महापौर ने सीधे आरोप लगा दिया है कि प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है।
क्या था सीडी में
इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाले में उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट की सीडी में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह समेत चार अन्य मंत्रियों को करोड़ों रुपए की घूस लेने की बात कही गई है। उसके बाद महापौर किरणमयी नायक ने पर्दाफाश रथ बनाकर उसे चौक चौराहों में घुमाने की अनुमति प्रशासन से मांगी, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस ने भी सीडी कांड की इस राजनीति को गरमाने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने की रणनीति अपनाई है। इसी के चलते उसने बाद में नुक्कड़ सभा की अनुमति मांगकर नई चाल चली।
वार्डों में बांटेंगे सीडी- महापौर
महापौर किरणमयी नायक ने कहा कि प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। उसे भाजपा के हितो की अधिक चिंता है। प्रशासन की रोक के बावजूद हमारे हौसले पस्त नहीं हुए हैं। अब शहर के वार्डो में काग्रेंसी पार्षदों के माध्यम से सीडी बंटवाई जाएगी। लोग अपनी घर में इस सीडी को देख सकेंगे। इससे लोगों के सामने सच्चाई आ सकेगी।
महापौर कोर्ट में रखें अपनी बात- भाजपा
भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि महापौर जिन बातों की अनुमति शासन से मांग रही थीं। उसकी भावना पहले देखी जानी चाहिए। उससे शहर में अशांति तो नहीं फैल रही। उन्हें अपनी जो भी बात कहनी है मौका पड़ने पर अदालत से कहें।