Chhattisgarh BJP leaders Viral Video, CG Politics: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय से बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से 1500 करोड रुपए मांगने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में खलबली मची हुई है। हर तरफ इस वीडियो की चर्चा है। इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस संबंध में रायपुर उत्तर बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने सिविल लाइन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि इस वायरल फर्जी वीडियो में भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य वरिष्ठ नेताओं पर कथित रूप से 1500 करोड़ रुपये की वसूली का झूठा आरोप लगाया गया है। विधायक ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताते हुए इसे गलत और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है।
साइबर साजिश पर सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक मिश्रा ने रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह से इस गंभीर मामले की जांच साइबर सेल से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वीडियो तैयार करने, अपलोड करने, साझा करने और फैलाने वाले सभी व्यक्तियों और सोशल मीडिया आईडी धारकों की पहचान कर गैर-जमानती धाराओं में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इस शिकायत के साथ फर्जी वीडियो के स्क्रीनशॉट, लिंक और दुष्प्रचार में शामिल अकाउंट्स की सूची भी पुलिस को सौंपी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार को बदनाम करने की साजिश
झूठे आरोपों के जरिए चरित्र हनन का प्रयास
शिकायत में विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर जानबूझकर एक ऐसा वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इस फर्जी वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर 1500 करोड़ रुपये की कथित ‘वसूली’ या ‘कलेक्शन’ का झूठा आरोप मढ़ा गया है। वीडियो में आपत्तिजनक और अमर्यादित वाक्य का प्रयोग कर न केवल नेताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने बल्कि जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बनाया गया निशाना
विधायक ने स्पष्ट किया कि इस दुष्प्रचार के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत मानहानि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर सीधा हमला है। उन्होंने इसे सियासी साजिश करार देते हुए कहा कि इस तरह के दुष्प्रचार से राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
इधर, कांग्रेस ने किया पलटवार
दूसरी ओर इस मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह कांग्रेस की तरफ से लगाया गया आरोप नहीं है। सोशल मीडिया पर किसी ने लिखा है और किसी कांग्रेस नेता ने शेयर किया होगा, तो सफाई देने का काम जिनके ऊपर आरोप लगा है उनका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को संदेह है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवा लें। सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।
नोट- अमर उजाला इस वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।