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राम के ननिहाल में मोदी और राहुल के नाम की धूम

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सुबह के 11 बजे हैं और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सड़कों पर चहल-पहल नदारद सी है, दूर-दराज के क्षेत्रों में तो सन्नाटा जैसा पसरा है। यह सूना नजारा देखकर मानना मुश्किल है कि यहां भी लोकसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन यह सन्नाटा चुनाव आयोग की सख्ती से नहीं, बल्कि पारा 40-41 डिग्री तक पहुंच जाने के कारण है।
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दोपहर में यहां भीषण गरमी के चलते चुनाव प्रचार लगभग पांच घंटे थम जा रहा है। हालांकि तापमान कम रहने पर सुबह और शाम चुनावी रंगत दिख जाती है। कर्क रेखा के निकट होने से अप्रैल से जून तक भीषण गरमी से पूरे मध्य भारत की तरह छत्तीसगढ़ की माटी भी आग उगलती है।

छत्तीसगढ़ में आगामी बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान होना है। इसलिए यहां सूर्यदेव के साथ चुनावी पारा भी आसमान छू रहा है।

चुनाव में मोदी और राहुल की जंग

चुनावी जंग में स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों से ज्यादा बीजेपी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी व कांग्रेस उपाध्यक्ष व पार्टी के चेहरे राहुल गांधी के नाम का ज्यादा शोर सुनाई दे रहा है। जबकि आम आदमी पार्टी भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रयासरत है।

छत्तीसगढ़ को दक्षिण कौशल के नाम से भी जाना जाता रहा है। मान्यता है कि यहां से 29 किमी दूर आरंग में भगवान राम का ननिहाल था, यहां उनकी माता कौशल्या का मंदिर भी है।

दक्षिण कौशल यानी छत्तीसगढ़ में 11 सीटों के लिए चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार संसद पहुंचने के लिए मोदी और राहुल के नाम पर ही वोट मांग रहे हैं। बड़े-बड़े होर्डिंग हों अथवा नारे, चुनाव प्रचार सामग्री में भी यही दो नेता सबसे ज्यादा दिख रहे हैं।
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कांग्रेस घेर रही बीजेपी को

बीजेपी को यहां मोदी के नाम का सहारा है, जबकि चावल वाले बाबा यानी मुख्यमंत्री रमन सिंह की सरकार के कामकाज को बीजेपी प्रत्याशी बोनस की तरह प्रचार में इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीजेपी राष्ट्रीय मुद्दों मसलन, यूपीए सरकार के दौरान महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर मैदान में है व सुशासन व विकास का वादा कर रही है, जबकि कांग्रेस का जोर स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाने पर ज्यादा है।

मसलन, रमन सरकार पर भ्रष्टाचार व बेलगाम नौकरशाही का आरोप लगाने के साथ ही कांग्रेस ने रायपुर शहर के प्रदूषण को ‘काली हवा काली राख’ का नारा देकर बड़ा मुद्दा बना लिया है। बीजेपी शासन में बड़ी संख्या में रायपुर में लगे लौह चूर्ण के कारखानों की भट्टियों से निकला धुआं जानलेवा साबित होने लगा है। इस मुद्दे पर बीजेपी घिरती दिख रही है।
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