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भाजपा में दोनों तरफ से क्रॉस वोटिंग: आमने-सामने BJP के जनपद सदस्य, सुनीता को मिली जीत; सुभद्रा हारीं

Thu, 06 Mar 2025 03:49 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बालोद

सार

भाजपा नेता प्रकाश साहू ने पार्टी की ओर से अधिकृत करते हुए अपनी पत्नी सुभद्रा साहू को मैदान में उतारा था। वहीं, इस दावेदारी से ज्यादातर लोग नाखुश थे और एक अलग खेमा तुरंत तैयार हुआ और उसने सुनीता साहू को अपना प्रत्याशी बनाया। 
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भाजपा नेता और कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बालोद जिले के गुरूर जनपद पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी में सामंजस्य की कमी देखने को मिली और यहां पर कांग्रेस ने अपने दावेदारी नहीं की, लेकिन भाजपा के दो प्रत्याशी मैदान में उतरे और दोनों प्रत्याशियों के लिए यहां पर क्रॉस वोटिंग हुई। भाजपा प्रत्याशी सुनीता साहू ने भाजपा की ही प्रत्याशी सुभद्रा साहू को एक वोट से हरा दिया। इसके बाद से पार्टी का एक खेमा जहां सिमट सा गया तो वहीं दूसरा खेमा यहां पर उत्साह मनाता हुआ नजर आया।

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दरअसल, भाजपा नेता प्रकाश साहू ने पार्टी की ओर से अधिकृत करते हुए अपनी पत्नी सुभद्रा साहू को मैदान में उतारा था। वहीं, इस दावेदारी से ज्यादातर लोग नाखुश थे और एक अलग खेमा तुरंत तैयार हुआ और उसने सुनीता साहू को अपना प्रत्याशी बनाया। इसके बाद से कांटे की टक्कर देखने को मिली। दोनों तरफ भाजपा नेता थे और क्रॉस वोटिंग का किस्सा था। कांग्रेस पूरे मामले में पहले ही सरेंडर हो चुकी थी। वहीं, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों में भारतीय जनता पार्टी ने अपना कब्जा किया। उपाध्यक्ष के तौर पर दुर्गानंद साहू निर्विरोध निर्वाचित हुए।

भले ही सुनीता साहू को पार्टी ने अधिकृत नहीं किया था, लेकिन जीतने के बाद उन्होंने सभी जनपद सदस्यों और अपने भाजपा नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने मुझे यह सम्मान दिया है तो मैं उसका सदैव आभारी रहूंगी और जो जनपद सदस्यों ने मुझ पर विश्वास दिखाया है। उसके लिए मैं खरा उतरने का प्रयास करूंगी। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र के विकास के लिए मिलजुल कर काम करेंगे।
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वहीं, भारतीय जनता पार्टी के जनपद उपाध्यक्ष जीतकर आए दुर्गानंद साहू ने कहा, 'यहां पर भारतीय जनता पार्टी के आगे कांग्रेस सुरेंद्र नजर आईं और हम विश्वास दिलाते हैं कि हम सभी के उम्मीद पर खरा उतरेंगे मिलजुल कर काम करेंगे और कांग्रेस के हमारे सभी सदस्य भाइयों का सदन में बराबर सम्मान रहेगा क्योंकि मसला क्षेत्र के विकास का है किसी राजनीति का नहीं।'

रिजल्ट आते ही सिमटा एक खेमा
जैसे ही जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का परिणाम आया तो एक खेमा मानो ऐसे सिमटा जैसे वह इस रेस का कभी हिस्सा ही नहीं थे। दरअसल, बालोद से लेकर गुरुर क्षेत्र के सभी नेता स्थानीय विश्राम गृह में थे, लेकिन जीतने के बाद भी अपने प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाने जनपद तक भी नहीं पहुंचे। 

इस बात की दबे जुबान जमकर चर्चा होती रही। वहीं, गुरुर नगर से कई लोगों ने नए बदलाव की शुरुआत की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रत्याशी भी भाजपा के हैं, लेकिन मंडल अध्यक्ष से लेकर सभी वरिष्ठ नेताओं को हौसला बढ़ाने के लिए यहां पर पहुंचना था। 

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