धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े डीलिस्टिंग मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तथ्यात्मक जानकारी के अभाव का आरोप लगाया है।
धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े डीलिस्टिंग मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तथ्यात्मक जानकारी के अभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है और उसे पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार कांग्रेस नेता अधूरी जानकारी के आधार पर बयान देते हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर तथ्य और कानून को समझे बिना राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
धर्मांतरित समुदायों के आरक्षण अधिकारों और डीलिस्टिंग से जुड़े मुद्दे पर हालिया कानूनी और राजनीतिक चर्चाओं के बाद प्रदेश में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इस विषय को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री का जवाब सामने आया है।
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जशपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
राजनीतिक सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने अपने प्रस्तावित बिलासपुर और जशपुर दौरे को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला लंबे समय से रेल सुविधा से वंचित रहा है और इस विषय को उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल संपर्क को लेकर आवश्यक प्रक्रिया में तेजी आई है और जल्द ही परियोजना को लेकर सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि रेल सेवा शुरू होने से जशपुर क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को नई गति मिलेगी।
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और उसमें राहुल गांधी की संभावित भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम और उसमें कौन शामिल होता है, यह पूरी तरह उनका आंतरिक विषय है।