बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रतनपुर में विराजित माँ महामाया गोंडवाना कुल देवी की पूजा पद्धति, जो गोंडवाना आदिवासी समाज की परंपरागत धरोहर है, को पुनः स्थापित किया जाएगा।
बिलासपुर जिला सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना गोंड़ समाज रतनपुर इकाई ने आज 23 सितंबर 2025 को “बादल महल”, जूना शहर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में समाज की प्रथा-परंपरा और धरोहर को संरक्षित करने तथा विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रतनपुर में विराजित माँ महामाया गोंडवाना कुल देवी की पूजा पद्धति, जो गोंडवाना आदिवासी समाज की परंपरागत धरोहर है, को पुनः स्थापित किया जाएगा। इसके तहत जिला सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर के आह्वान पर रतनपुर इकाई की संयुक्त टीम द्वारा समाजिक पूजा पद्धति के साथ ध्वज-पताका और चुनरी अर्पित करने के लिए पदयात्रा रैली का आयोजन किया जाएगा।
निर्णय के अनुसार यह रैली 28 सितंबर 2025, रविवार, षष्ठमी तिथि को आयोजित की जाएगी। रैली पारंपरिक बाजे-गाजे, वेशभूषा और आतिशबाजी के साथ रतनपुर बादल महल (जूना शहर) से शुरू होगी। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के सदस्य माँ महामाया रतनपुर मातरानी को चुनरी अर्पित करने, अन्न भोग अर्पण करने और ध्वज-पताका समर्पित करने के लिए भाग लेंगे।
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यह आयोजन आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहर को पुनः संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।