कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल के चुनाव मामले में बीसीआई को गाइडलाइन स्पष्ट करने कहा। साथ ही इस बात पर नाराजगी जताई कि चुनाव प्रक्रिया 180 दिन या 45 दिन में पूरी करने को लेकर भ्रम की स्थिति है।
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर स्वतः संज्ञान याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और स्टेट बार काउंसिल (एसबीसी) को निर्देश दिया है कि वे प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत करें। इसके लिए कोर्ट ने एक दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई कल 19 मार्च को होगी।
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कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल के चुनाव मामले में बीसीआई को गाइडलाइन स्पष्ट करने कहा। साथ ही इस बात पर नाराजगी जताई कि चुनाव प्रक्रिया 180 दिन या 45 दिन में पूरी करने को लेकर भ्रम की स्थिति है। इससे पहले हाईकोर्ट ने पिछले 4 वर्षों से स्टेट बार काउंसिल के चुनाव नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने 18 फरवरी 2025 को पारित अपने आदेश के पालन की स्थिति के बारे में पूछा। साथ ही, बीसीआई की ओर से शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया था। बीसीआई के अधिवक्ता ने जानकारी दी कि सचिव द्वारा शपथपत्र भेज दिया गया है, लेकिन वह प्राप्त नहीं हुआ। कोर्ट ने यह भी कहा है कि चुनाव कार्यक्रम बीसीआई नियमों और अधिसूचनाओं के अनुसार तैयार किया जाए, ताकि चुनाव में किसी प्रकार की देरी न हो।