मुंगेली की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से शासकीय राशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट की अधोसंरचना मद के खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये की राशि एक बैंक कर्मचारी द्वारा निजी और अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
मुंगेली की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से शासकीय राशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट की अधोसंरचना मद के खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये की राशि एक बैंक कर्मचारी द्वारा निजी और अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई। इस घटना ने बैंक प्रबंधन और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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राशि का हेरफेर और संदिग्ध भूमिका
जानकारी के अनुसार, मुंगेली कलेक्ट्रेट की अधोसंरचना मद के खाता क्रमांक 3742452827 में जमा राशि में से 26 लाख 87 हजार रुपये की हेरफेर की गई। बैंक के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर 8 लाख 50 हजार रुपये अपने निजी खाते में और मंजूलता पटेल नामक व्यक्ति के खाते में 9 लाख 18 हजार तथा 9 लाख 19 हजार रुपये, कुल 18 लाख 37 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इतने बड़े पैमाने पर राशि का गबन किसी एक व्यक्ति के अकेले का कार्य नहीं माना जा रहा है, जिससे बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
प्रशासन हरकत में, बैंक से जवाब तलब
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हालांकि, बैंक प्रबंधन की ओर से जवाब देने में आनाकानी की जा रही है और विभाग को संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। अतिरिक्त कलेक्टर जी.एल. यादव ने इस गड़बड़ी को घोर अनियमितता करार दिया है।
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राशि की वापसी, पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं
गड़बड़ी उजागर होने के बाद, पूरी राशि को अधोसंरचना मद के खाते में वापस जमा करा दिया गया है। इसके बावजूद, प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बैंक की ओर से खाते का स्टेटमेंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अतिरिक्त कलेक्टर ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद बैंक प्रबंधन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जिला प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और भविष्य में इस पर बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।