भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमार कार्रवाई कर एक पटवारी और विद्युत विभाग के एक बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।
बिलासपुर जिले के सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का अलम है, कई विभागों में बिना रिश्वत लिए काम नहीं हो रहा है। दो अलग - अलग क्षेत्रों में एसीबी को शिकायत मिली कि काम के एवज में पैसा मांगा जा रहा है, जिसके बाद एसीबी ने योजना बनाई और कार्रवाई शुरू की। पहली कार्रवाई रतनपुर तहसील के लालपुर हल्का में पदस्थ पटवारी भानु चंद्राकर के खिलाफ की गई। एसीबी के अनुसार पटवारी ने जमीन का नक्शा एवं बटांकन कराने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
वहीं, दूसरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के मस्तूरी कार्यालय में पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा के खिलाफ की गई। बताया गया कि बाबू ने बिजली पोल लगाने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। दोनों मामलों में एसीबी बिलासपुर की टीम ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। एक ही दिन में दो विभागों में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की बड़ी कार्रवाई हड़कंप मच गया है।