बिलासपुर हाईकोर्ट ने महादेव सट्टा एप को छत्तीसगढ़ में चलाने में प्रमोटर्स के लिए काम करने वाले आरोपी एएसआई और हवाला कारोबारी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। एएसआई पर आरोपियों के साथ ही अफसरों और राजनेताओं के बीच संपर्क कराने और उनके लिए काम करने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने सार्वजनिक जुआ अधिनियम जुर्म दर्ज किया, और ईडी ने भी केस दर्ज किया था। दोनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।
बता दें कि महादेव सट्टा ऐप केस में ईडी ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। जांच के दौरान ईडी को पता चला कि ASI चंद्रभूषण वर्मा ने छत्तीसगढ़ के नेताओं और अधिकारियों के साथ महादेव ऑनलाइन बुक प्रमोटरों के लिए संपर्क सूत्र के रूप में काम किया। जांच के दौरान ईडी ने हवाला किंग अनिल कुमार दम्मानी और सुनील कुमार दम्मानी को भी गिरफ्तार किया। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें से चंद्रभूषण वर्मा और सुनील दम्मानी ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी। सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने जमानत का विरोध किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
ज्ञात हो, कि दुर्ग पुलिस ने 29 फरवरी 2022 को मोहन नगर थाने में आलोक सिंह राजपूत, रामप्रवेश साहू, खड़ग उर्फ राजा सिंह, अभिषेक और पिंटू के खिलाफ सार्वजनिक जुआ (छ.ग. संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 4ए, आईपीसी की धारा 420, 120बी और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत जुर्म दर्ज की थी। इधर ईडी को छापामार कार्रवाई के बाद जांच के दौरान पता चला कि एक लैपटॉप सेट से वे ऑनलाइन पैसे इकट्ठा कर रहे थे। आईडी से वे महादेव बुक के माध्यम से दूसरों के लिए ऑनलाइन क्रिकेट मैच, घुड़दौड़, ग्रेहाउंड रेसिंग, कबड्डी आदि पर दांव लगा रहे थे।
आरोपियों से पूछताछ करने पर अभिषेक और पिंटू के नाम की जानकारी दी। जांच के दौरान ही पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ऑनलाइन मोड के माध्यम से सट्टेबाजी ऐप चला रहे थे। प्रमोटरों ने भारत के साथ ही विदेशों में भी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के पैनलों को फ्रेंचाइज करने सिस्टम बनाया था। ईडी ने जांच के दौरान हवाला किंग अनिल कुमार दम्मानी और सुनील कुमार दम्मानी को भी गिरफ्तार किया है।