फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'फ्लावर नहीं फायर हूँ': पुष्पा फिल्म का डायलॉग बोलते हुए जमीन पर किया फायर, दादी और युवक घायल

Sun, 15 Dec 2024 05:41 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

बिलासपुर में चर्चित "पुष्पा" फिल्म का साइड इफेक्ट देखने को मिला है। यहां दो पक्षों के बीच हो रहे एक विवाद के मामले में नाबालिक ने लाइसेंसी बंदूक को जमीन में फायर कर दिया।
विज्ञापन
पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिलासपुर में चर्चित "पुष्पा" फिल्म का साइड इफेक्ट देखने को मिला है। यहां दो पक्षों के बीच हो रहे एक विवाद के मामले में नाबालिक ने लाइसेंसी बंदूक को जमीन में फायर कर दिया। बताया जा रहा है कि इस बीच नाबालिक ने गुस्से में आकर पुष्पा फिल्म का डायलॉग डिलेवर भी किया और कहा कि "पुष्पा को फ्लावर समझा है क्या,फ्लावर नहीं फायर हूँ "। नाबालिक ने जैसे ही जमीन पर फायर किया तब छर्रा जमीन से उछलकर बगल में खड़ी उसकी दादी और एक युवक के हाथ में लग गया, जिससे दोनों घायल हो गए ।घटना की सूचना पर सीपत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को हिरासत में लेकर बंदूक को जब्त कर कार्रवाई कर रही है।

विज्ञापन


पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 13 दिसंबर की रात 16 वर्षीय बालक और उसके चाचा के बीच परिवारिक बातों को लेकर विवाद हो रहा था। जिससे आसपास पड़ोसी व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी। वहां आशीष शिकारी,नाबालिग के दादी अशोक कुमारी शिकारी व अन्य लोग भी खड़े थे। आपस में करीब आधा घंटे से दोनों एक दूसरे के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। इसी बीच गुस्से में आकर नाबालिग दौड़ते हुए अपने घर गया। वहां से भरमार बंदूक लेकर बाहर निकला, और जोर से चिल्लाते हुए पुष्पा फिल्म का डॉयलाग बोला "पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं मैं फायर हूं" फिर नाबालिग ने जमीन पर फायर कर दिया। जिससे छर्रा जमीन से उछलकर दादी और आशीष शिकारी नामक युवक घायल हो गया। फायरिंग की सूचना पाकर सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर नाबालिग को हिरासत में लेकर लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति सामान्य है। पीड़ित आशीष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नबालिग के खिलाफ 110 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

जनकारी के मुताबिक बंदूक का लाइसेंस आरोपी नाबालिग के दादा के नाम पर है, जो 1987 को शासन के द्वारा जारी किया गया था। तब से बंदूक घर पर थी। इससे पहले कभी भी बंदूक का उपयोग नहीं किया गया। घटना के बाद टीआई ने बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने प्रशासन को पत्र भेजा है। वहीं पुलिस आलाधिकारी इस मामले में किशोरों को सिनेमा के बढ़ते दुष्प्रभाव से बचने की सलाह दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें