नेशनल हाइवे पर मवेशियों के जमावड़े से हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने शासन से पूछा कि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर क्या कार्रवाई की? कोर्ट ने मुख्य सचिव को शपथपत्र में यह बताने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट की जानकारी में यह बात आई कि रतनपुर रोड पर बड़ी संख्या में मवेशियों का जमावड़ा रहता है। वाहनों की चपेट में उनकी मौत हो रही है। साथ ही दुर्घटना में जनहानि की आशंका भी बनी हुई है। इस पर कोर्ट ने नगर पंचायत रतनपुर नगर पंचायत को भी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। पेंड्रीडीह बाइपास में होटल और दुकानों पर वाहनों के जमावड़े पर आपत्ति करते हुए कोर्ट ने प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए।
न्यायालय के संज्ञान में यह भी लाया गया कि पेंड्रीडीह बाईपास के किनारे सरकारी जमीन पर स्थित दुकानें ग्राम पंचायत द्वारा किराए पर दी जा रही हैं और इन दुकानों का उपयोग भारी ट्रकों सहित बड़ी संख्या में वाहनों को जलपान और मरम्मत के लिए रखने के लिए किया जा रहा है।
इस संबंध में, न्यायालय ने टिप्पणी की कि इसपर न्यायालय ने पहले भी आदेश पारित किया था कि पेंड्रीडीह बाईपास के पास पुल के नीचे कोई अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने उक्त पुल के नीचे की जगह को साफ़-सुथरा बनाने और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट आदि के साथ सौंदर्यीकरण करने की जरूरत बताई।
ग्राम पंचायत, पेंड्रीडीह को यह भी निर्देश दिए कि वह यह सुनिश्चित करे कि पेंड्रीडीह बाईपास में चल रही दुकानें ट्रक मालिकों या किसी अन्य व्यक्ति को वहां अपना वाहन रोककर जलपान या दोपहर का भोजन करने की अनुमति न दें।कलेक्टर बिलासपुर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाईपास के किनारे दुकानों से भीड़भाड़ न हो और किसी भी असामाजिक गतिविधि को जारी रखने की अनुमति न दी जाए।