प्रवासी पक्षियों की कमी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई
प्रवासी पक्षियों की कमी को लेकर चिंता जताते हुए लगाई गई जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में इस पूरे मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर मत्स्य विभाग के सचिव से इस पूरे मामले में व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी 2025 को तय की गई है।
धमतरी की एक संस्था धमतरी वाइल्डलाइफ वेलफेयर सोसाइटी ने इस पूरे मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील अदिति सिंघवी ने बताया की धमतरी जिले के गंगरेल बांध से जुड़ा एक भाग आर्द्र भूमि है। सिंचाई विभाग के अधीन अवैध रूप से पिंजरे में मछली पकड़ने का काम किया जा रहा है और यह वन भूमि है। सिंचाई विभाग ने बिना NOC के मछली पकड़ने पर रोक लगा दी। उसके बाद भी, जंगल की ज़मीन पर मछली पकड़ना जारी है। प्रवासी पक्षियों के आने की संख्या गिर गई है पहले पिछले 5 सालों में 5000 प्रवासी पक्षी से अब वह संख्या शून्य होने की स्थिति में है। इस क्षेत्र में अवैध रूप से एक केज कल्चर फिशिंग की जा रही है। अधिवक्ता ने कहा यह प्रवासी पक्षियों का मामला है। प्रवासी पक्षी वहाँ आते हैं।