मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के मुख्य सचिव को शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इस घटना को गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में आंगनबाड़ी केंद्र में करंट लगने से मासूम की मौत मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। प्रकाशित खबर को आधार मानते हुए कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि ऐसी लापरवाहियां भविष्य में न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
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मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के मुख्य सचिव को शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इस घटना को गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी गई है। जवाब प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख 22 सितंबर तय की गई है।
मामला क्या है?
पिछले शुक्रवार को कोंडागांव जिले के मर्दापाल पंचायत के ग्राम पदेली में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली के खुले तार के संपर्क में आने से ढाई साल की मासूम माहेश्वरी यादव की मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था।