मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जब प्रदेश में राशन आवंटन का कार्य बायोमेट्रिक के जरिए हो सकता है तो फिर सरकार को बायोमेट्रिक के जरिए धान खरीदी करने में क्यों परेशानी हो रही है, इतना ही नहीं सेंट्रल पुल द्वारा खरीदे गए चावल और धान को लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की जनता और किसानों के बीच भ्रम फैलाने का कार्य किया जा रहा है।
कोरोना के वक्त में जब केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो अतिरिक्त चावल दिया जा रहा था। इसमें भी राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है। यह 5000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार छत्तीसगढ़ में हुआ है। राज्य सरकार की कथनी और करनी में साफ फर्क नजर आ रहा है। जिला विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश सरकार द्वारा फैलाई जा रहे भ्रम का जवाब देते हुए उसे उखाड़ फेंकने का काम करेगी।