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Bilaspur: लोक अदालत की तैयारियों की मुख्य न्यायाधीश ने की समीक्षा, वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश

Mon, 05 May 2025 10:02 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

3 मई 2025 तक जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार निराकरण के लिए 15 लाख 86 हजार 808 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 15 लाख 25 हजार 942 प्री लिटिगेशन के प्रकरण एवं 60866 प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं, जिनके लिए पक्षकारों के बीच समझौते की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगामी 10 मई को निर्धारित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की चीफ जस्टिस (सीजे) रमेश सिन्हा ने आज समीक्षा की। राज्य के न्यायिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के माध्यम से उन्होंने दिशा-निर्देश दिए।

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लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा के लिए सीजे सिन्हा ने सभी प्रधान जिला न्यायाधीशों, अध्यक्ष, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवार न्यायालय के न्यायाधीशों, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और श्रम न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए सीजे ने न्यायिक अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पुराने लंबित सिविल और आपराधिक समझौता योग्य मामलों की पहचान और समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, चेक बाउंस और मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

चीफ जस्टिस ने न्यायिक अधिकारियों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में एक प्रभावी और कुशल विकल्प के रूप में पक्षकारों को विवादों के निपटारे के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों से उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पक्षकारों के साथ पूर्व बैठक कर अधिक से अधिक मामलों की पहचान के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। विशेष रूप से  मोटर दुर्घटना दावों के मामलों, जिनमें बीमा कंपनी और बैंकिंग संस्थानों से समन्वय कर विवादों के निपटारे के लिए राजी किया जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि 3 मई 2025 तक जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार निराकरण के लिए 15 लाख 86 हजार 808 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 15 लाख 25 हजार 942 प्री लिटिगेशन के प्रकरण एवं 60866 प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं, जिनके लिए पक्षकारों के बीच समझौते की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार 10 मई 2025 को सभी न्यायालयों उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, फोरम एवं ट्रिब्यूनल सहित सभी राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित अन्य विवादों की सुनवाई भी मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान की जाएगी।

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