कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार ने शराब पर 10 प्रतिशत कोरोना टैक्स लगाया था। यह टैक्स शराब में अब भी जारी है। इस मामले में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल ने टैक्स से मिलने वाले पैसे को कहां लगाया जा रहा है और इस तरह लगाए गए टैक्स को कोरोना से बचाव के इंतजामों में लगाने के नियम की बात कहते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया है कि शराब में लगाए गए कोरोना टैक्स से करोड़ों रुपए जमा हुए हैं। इस टैक्स की राशि को कोरोना के खिलाफ नहीं इस्तेमाल किया गया है और स्वास्थ्य विभाग को भी पैसे ट्रांसफर नहीं किए गए, जबकि नियमानुसार जिस वजह से टैक्स लिया जाता है, उसका उपयोग उसी में किया जाना चाहिए, लेकिन इस राशि का उपयोग किस तरह किया जा रहा यह स्पष्ट नहीं है।