पत्नी ने जांजगीर परिवार न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन दिया। परिवार न्यायालय से आवेदन खारिज होने पर हाईकोर्ट में अपील प्रस्तुत कर कहा कि पति कोई काम नहीं करता एवं अत्यधिक शराब पीने की आदत है। इसके अलावा गांव की अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखता है। घर में मारपीट व गाली गलौज करता है। आज जस्टिस रजनी दुबे एवं जस्टिस एन के व्यास की डीबी में अपील पर सुनवाई हुई। प्रतिवादी पति की ओर से पत्नी द्बारा लगाए गए आरोप का खंडन नहीं किया गया।
सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर पति अपने दायित्व का निर्वहन नहीं कर अत्यधिक शराब पीता है तो पारिवारिक स्थिति खराब होती है। यह स्वाभाविक रूप से पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता है। गैरजिम्मेदार और अय्याश पति के आचरण से पूरे परिवार को सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पत्नी तलाक पाने की हकदार है। अपीलकर्ता पत्नी की ओर से दो गवाह उपस्थित हुए। इसमें उसकी बालिग बेटी भी है। बेटी ने पिता द्बारा मां एवं उनके साथ किए जा रहे क्रूर व्यवहार की जानकारी दी और कहा कि मां और वह स्वयं भी पिता के साथ नहीं रहना चाहते।कोर्ट ने बेटी की इस गवाही को महत्वपूर्ण माना है।