सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की कोतवाली पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के पास से विभिन्न क्षेत्रों से चुराई गई आठ मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह में शामिल दो बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच विधि से संघर्षरत बालकों को नियमानुसार संरक्षण में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह चुराई गई गाड़ियों को पड़ोसी राज्य ओडिशा में बेचने की योजना बना रहा था।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
बस स्टेशन और जिला अस्पताल के पास से 10 अक्तूबर को एक ही दिन में दो मोटरसाइकिलें चोरी हो गई थीं। वाहन मालिकों की शिकायत मिलने पर कोतवाली सारंगढ़ में मामला दर्ज किया गया। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और सरसींवा थाना क्षेत्र के रायकोना निवासी 24 वर्षीय देवचरण पुत्र कार्तिक राम और पंकज पुत्र कांता प्रसाद को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने मोटरसाइकिल चोरी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 70,000 रुपये मूल्य की दो बाइकें बरामद कीं।
अन्य क्षेत्रों से भी चुराई थीं बाइकें
हिरासत में लिए गए आरोपियों से गहन पूछताछ में वाहन चोरी के छह अन्य मामलों का खुलासा हुआ। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। जांच के दौरान सरायपाली, सागरपाली, लंबरपाली और रायगढ़ क्षेत्र से चोरी की गई अन्य मोटरसाइकिलों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने चोरी के इन मामलों में शामिल अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस ने पूरे मामले में कुल सात आरोपियों को पकड़ा, जिनमें पांच नाबालिग शामिल हैं।
ओडिशा में वाहन बेचने की थी तैयारी
कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से कुल आठ वाहन जब्त किए हैं। जब्त वाहनों में चार हीरो एचएफ डीलक्स, एक स्कूटी और एक हीरो स्प्लेंडर सहित अन्य मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस की जांच में यह आशंका सामने आई है कि आरोपी चोरी की गई इन सभी मोटरसाइकिलों को ओडिशा ले जाकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने बालिग आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।