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Bijapur: गहरा रहा जल संकट, इंद्रावती नदी का जलस्तर गिरा, तेलंगाना के प्रोजेक्ट से हुआ छत्तीसगढ़ का नुकसान

Mon, 14 Apr 2025 05:57 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बस्तर से बह रही जीवनदायिनी इंद्रावती नदी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर स्थित तिमेड़ नदी में अब जल संकट गहराने लगा हैं। नदी में पानी का बहना काफ़ी हद तक कम हो गया हैं।
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इंद्रावती नदी का जलस्तर गिरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बस्तर से बह रही जीवनदायिनी इंद्रावती नदी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर स्थित तिमेड़ नदी में अब जल संकट गहराने लगा हैं। नदी में पानी का बहना काफ़ी हद तक कम हो गया हैं। पतली धार से तिमेड़ नदी में पानी बह रहा हैं। नदी के एक किनारे में महाराष्ट्र कि तरफ थोड़ा सा पानी इकठ्ठा हुआ जरूर हुआ हैं, किंतु  कुछ दिनों में वहां भी सुखकर रेत दिखने लगेगा। तिमेड़ ब्रिज के पास से देखे तो हर तरफ रेत ही रेत नजर आएगा। इस दृश्य को देखे तो ऐसा प्रतीत होता हैं कि जल्द जल संकट कि स्तिथि निर्मित होंगी। ओडिशा से निकली इन्द्रावती नदी बस्तर के लोगों के लिए हमेशा से जीवनदायिनी रही है। 

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इस नदी के माध्यम से भोपालपटनम ब्लाक के नगर सहित कई पंचायतो को फ़िल्टर पानी मिलता हैं। आज कि स्तिथि में इंद्रावती का नजारा काफ़ी भयावह नजर आने लगा हैं। आने वाले दिनों में पानी कि त्राहि त्राहि मच सकती हैं।जहाँ प्लांट लगाया गया हैं। वह फिलहाल पानी हैं।लेकिन बढ़ती गर्मी और जल संकट कि स्तिथि काफ़ी नाजुक हैं। इधर नगर के बड़े तालाब में पानी एक किनारे इकठ्ठा हो गया हैं। ज़मीन भी फटने लगी हैं, छोटा तालाब का पानी सुख चूका हैं। नालो में पानी ही नहीं हैं ।जल संकट कि स्तिथि निर्मित होने लगी हैं। 

बांधो के जरिए हाईजैक कर तेलंगाना के लोग कर रहे पानी का सही इस्तेमाल
पडोसी राज्य तेलंगाना में पानी को हाईजैक कर स्टोर किया जा रहा हैं और उसका बारह महीने सही इस्तेमाल हो रहा हैं। तेलंगाना के लोग सिचाई व अन्य कार्यों के लिए पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसी व्यवस्था नहीं हैं। यहां के किसान एक ही फसल तक सिमित हैं। बरसात के पानी से ही धान कि फसल होती हैं। दूसरे फसल के लिए किसानो के यहाँ विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।सरकार की भी इस कार्य में रूचि दिखाई नहीं पडती हैं।

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तेलंगाना के प्रोजेक्ट से छत्तीसगढ़ का हुआ नुकसान 
छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर तारलागुडा में बन रहे डेम से तारलागुडा के आसपास दर्जनों गांव के लोगो को काफ़ी नुकसान हुआ हैं। बरसात के वक्त डुबान कि स्तिथि निर्मित होती हैं।यह तक कि नेशनल हाइवे में पानी आने से कई दिनों तक हाइवे जाम रहता हैं। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बार्डर पर बन रहे बैराज से छत्तीसगढ़ के लोगो को बढ़ा नुकसान होने लगा हैं।

ओड़िसा और तेलंगाना के बीच फसे बस्तर में बड़ा जल संकट
ओड़िसा से जगदलपुर कि तरफ से तिमेड़ तेलंगाना कि ओर जा रही इंद्रावती नदी के बीच में बस्तर के निवासी पीसे जा रहे हैं। ओडिशा सरकार इन्द्रावती नदी पर कई बड़े डैम बनाकर जल का अधिक से अधिक उपयोग कर रहा है। इसी तरह इधर तेलंगाना भी पानी को हाईजैक कर अपना इस्तेमाल कर रहा हैं। बीच मझधार में फसे बस्तर के लोग जल संकट कि चपेट में हैं।

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