बीजापुर जिला प्रशासन द्वारा 16 और 17 जनवरी को लगभग 130 मकानों को बुलडोजर से गिराए जाने के विरोध में शुक्रवार को विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में पीड़ितों ने पदयात्रा और धरना प्रदर्शन कर तहसील कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार, जिला प्रशासन और नगरपालिका की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए जमकर नारेबाजी की। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें वार्ड क्रमांक 12 के चट्टानपारा में गिराए गए घरों को तत्काल पुनः स्थापित करने, पानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, हुए नुकसान का मुआवजा देने और भविष्य में अतिक्रमण के नाम पर घरों को न तोड़ने की मांग की गई है।
मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप
विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जानबूझकर चट्टानपारा के पीड़ितों को पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर रही है, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन का यही रवैया रहा तो आम नागरिक कहां जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से पीड़ितों को पुनः उसी स्थान पर स्थापित करने और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। विधायक मंडावी ने पीड़ितों की पुनः स्थापना के संबंध में वार्ता के लिए 20 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है। इस पदयात्रा को सीपीआई के जिला सचिव कमलेश झाड़ी और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के बस्तर संभाग उपाध्यक्ष विजय झाड़ी ने भी समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेसियों, पीड़ित परिवारों और नगरवासियों की बड़ी संख्या शामिल रही।