बीजापुर में नक्सली संगठन को एक और झटका लगा है। शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक एक लाख के दो ईनामी नक्सलियों ने आतंक का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ने आत्मसमर्पण कर दिए हैं।
बीजापुर में नक्सली संगठन को एक और झटका लगा है। शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक एक लाख के दो ईनामी नक्सलियों ने आतंक का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ने आत्मसमर्पण कर दिए हैं। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक 48 ने नक्सलवाद तौबा कर सरेंडर कर दिया है।
विज्ञापन
मिली जानकारी के मुताबिक जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान व शासन की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर एक लाख के इनामी गंगालुर एरिया कमेटी पार्टी सदस्य सुखराम फरसीक पिता पीडे फरसीक उम्र 30 निवासी सरपंच पारा कुरुष थाना गंगालुर व एक लाख के इनामी बुरजी आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष पंडरु फरसीक पिता मेगा फरसीक निवासी गायतापारा कुरुष थाना गंगालुर ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को 25- 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई। इधर पुलिस ने अपील किया है कि नक्सल विचारधारा में भटके नक्सलियों को उनके घर वाले भी वापस लाना चाहते है। हम सभी नक्सली भाई बहनों से अपील करते है कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलने का समय आ गया है। अब सामान्य जन जीवन जीने के लिए पुलिस व सुरक्षा बलों के समक्ष किसी भी माध्यम से आकर आत्मसमर्पण करें व छग शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास योजना का लाभ उठाये।