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बीजापुर: ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग के विरोध में स्वास्थ्य कर्मी 22 को करेंगे रैली, सौंपेंगे ज्ञापन

Mon, 20 Jul 2026 05:09 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर में राज्य सरकार के एक निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। 
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार के एक निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों की लैब संचालन व्यवस्था केरल की एचएलएल कंपनी को सौंपने का फैसला किया है। इसके विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 22 जुलाई को रैली निकालने का एलान किया है।

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जिले के स्वास्थ्य कर्मचारी मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इस रैली की सूचना अनुविभागीय अधिकारी को भी दे दी गई है। संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम ने इस फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों का मूल उद्देश्य जनसेवा होता है। निजी कंपनियां केवल व्यवसाय और लाभ कमाने के लिए कार्य करती हैं। दुर्गम ने सवाल उठाया कि निजी कंपनियों पर जिला प्रशासन का नियंत्रण कितना प्रभावी होगा। सरकारी कर्मचारी अपने कार्य के प्रति जवाबदेह होते हैं। लापरवाही पर उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

दुर्गम ने आशंका जताई कि लैब संचालन के बाद फार्मेसी सेवाओं को भी निजी कंपनियों को सौंपा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो पैरामेडिकल और फार्मेसी क्षेत्र में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। संघ का कहना है कि इस निर्णय से वर्तमान कर्मचारियों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग में नियमित भर्तियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
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स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है। यदि सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे वापस नहीं लेती है। तो आने वाले समय में प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मचारी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। 22 जुलाई को ज्ञापन सौंपने का निर्णय इसी विरोध का हिस्सा है।

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