छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के प्रबंध संचालक अनिल कुमार ने हाल ही में बीजापुर जिले का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों, फड़ों, गोदामों और वनधन केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण, गुणवत्ता, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के पहले दिन समिति भद्राकाली के तारूड़ फड़ का अवलोकन किया गया। यहां 350 मानक बोरा लक्ष्य के विरुद्ध 88.522 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित हुआ है। प्रबंध संचालक ने संग्रहित गड्डियों की तीन दिन बाद नियमित उल्टाई-पल्टाई के निर्देश दिए।
उन्होंने चट्टे लगाने हेतु समतल, रेतीली अथवा पत्थरीली भूमि को प्राथमिकता देने को कहा। इससे वर्षा जल से पत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। मोटे और परिपक्व तेंदूपत्तों की खरीदी पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। संघ गोदाम मद्देड में स्वच्छता, अग्निशमन यंत्र और शटर मरम्मत के निर्देश दिए गए। गोदाम में 8050 मानक बोरा अतिरिक्त भंडारण की संभावना पर भी चर्चा हुई।
दूसरे दिन गंगालूर सड़क स्थित मुकीम गोदाम और ईटपाल स्थित रहमान गोदाम का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गोदाम प्रभारियों की नियुक्ति और पुराने तेंदूपत्तों की सफाई के निर्देश दिए गए। दुगोली स्थायी नर्सरी का भी निरीक्षण हुआ, जहां निशुल्क पौधा वितरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। दुगोली वनधन केंद्र के संचालन को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
प्रबंध संचालक ने अधिकारियों को तेंदूपत्ता गड्डियों की समय पर उल्टाई-पल्टाई सुनिश्चित करने को कहा। उचित मात्रा में पानी का छिड़काव और पॉलीथीन से ढंककर सुरक्षित भंडारण के निर्देश भी दिए गए। फड़ों से स्थायी गोदामों तक परिवहन व्यवस्था और मात्रा की 5 फीसदी जांच के निर्देश मिले। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में भुगतान प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा गया। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए नदी किनारे और नमी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।