बीजापुर में ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम आगजनी मामले ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ लिया है। एक ओर छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने बीजापुर पहुंचकर मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के भीतर डीएफओ पर हुई कार्रवाई को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।
शुक्रवार को अचानक बीजापुर पहुंचे अध्यक्ष सलाम ने ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम का निरीक्षण किया और आगजनी से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों से ली। निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मामले की विभागीय और पुलिस जांच जारी है तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह विभागीय अधिकारी कर्मचारी हो या बाहरी व्यक्ति, उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी।
हालांकि डीएफओ पर हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने इसे शासन और विभाग का निर्णय बताया, लेकिन संकेत दिए कि जांच के बाद अन्य जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई संभव है। इधर विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, आगजनी प्रकरण में केवल डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि बीजापुर वनमंडल के रेंजरों सहित पूरा स्टाफ शुक्रवार को वनमंत्री से मिलने उनके गृहग्राम के लिए रवाना हुआ। वहां वन अमले का दल डीएफओ के पक्ष में अपनी बात रखेगा और कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग कर सकता है।
मामले में अब तक निरीक्षणकर्ता अधिकारियों और गोदाम प्रभारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर सीधे डीएफओ पर ही कार्रवाई क्यों की गई, जबकि अन्य जिम्मेदारों पर अब तक मेहरबानी बरती जा रही है। तेंदूपत्ता गोदाम आगजनी मामले ने अब प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग में और बड़े फैसले होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। वही सूत्रों के मुताबिक कुछ जिम्मेदार अफसर अपने बचाव में सत्तापक्ष के कुछ स्थानीय नेताओं से संपर्क साधकर उनके माध्यम से जांच व कार्यवाही को प्रभावित कराने की जोड़तोड़ में लगे हुए है।
बीजापुर न्यूज