बीजापुर के भोपालपटनम ब्लाक के बालक आश्रम एडापल्ली में अध्यानरत छात्र कि इलाज के दौरान मौत हो गई है। गुरुवार कि सुबह छात्र करण दास क़ुरसम कि तबीयत बिगड़ी उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम में भर्ती कराया गया था। छात्र को बुखार व सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। तबियत में सुधार नही होने कि वज़ह से डॉक्टरो नें उसे जिला अस्पताल बीजापुर रिफर कर दिया।यहां भी तबियत में सुधार नहीं होने कि स्तिथि में बेहतर इलाज के लिए उसे मेडिकल कालेज डिमरापाल भेजा गया। जहाँ शुक्रवार कि सुबह इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया।
छात्र धुर नक्सल प्रभावित इलाके सेड्रा का रहने वाला हैं। वह दूसरी कक्षा का छात्र है, जो एडापल्ली आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहा था। आश्रम शालाओ में बच्चों के मौत की घटनाएं आम हो गई है। आए दिन आश्रम में बच्चे अपनी जान गवा रहे हैं। फिर भी प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। आदिवासी ट्राईवल विभाग के आश्रमो में हजारों कि संख्या में आदिवासी बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं। इनके सुविधाओं के लिए शासन हर साल करोडो कि राशि पानी कि तरह बहाता हैं। लेकिन उस हिसाब से रिजल्ट नहीं मिल पाता हैं। बावजूद लगातार बीजापुर जिले में आश्रमों के बच्चों कि मौत हो रही हैं।
सांस लेने में तकलीफ व सीने में था दर्द
छात्र करण दास क़ुरसम को बुखार सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और झटके आ रहे थे, सुबह करीब 8.30 बजे भोपालपटनम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था तबियत में सुधार नहीं हो रहा था यह से डॉक्टरो नें बीजापुर रिफर कर दिया फिलहाल बीमारी का कारण अज्ञात हैं। छात्र के शव का डिमरापाल अस्पताल में पोस्टमार्डम कर शव परिजनों को सौप दिया जायेगा।