सीबीएसई स्कूल की जर्जर हालत में कक्षा।
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छत्तीसगढ़ में 26 जून को नए शिक्षा सत्र का आगाज हो गया हैं। जिले की अलग-अलग जगहों पर प्रशासन लगातार शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन कर रहा है। बीजापुर के जिस भोपालपटनम में एक जुलाई को जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया, वहीं से शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। हालांकि यह केंद्रीय स्कूल है। इस स्कूल के दो कमरों में ही पांच कक्षाएं संचालित हैं, जिनमें 96 छात्र पढ़ रहे हैं और एक ही शिक्षिका पढ़ाने वाली हैं।
प्रभारी प्राचार्या पर ही पढ़ाने की भी जिम्मेदारी
भोपालपटनम नगर के रानी दुर्गावती वार्ड के एक जर्जर भवन के दो कमरों में सीबीएसई गवर्मेंट इंग्लिश स्कूल संचालित हो रहा है। स्कूल की व्यवस्था और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर यहां अध्यनरत 15 छात्रों ने टीसी लेने की मंशा जाहिर की हैं। अभिभावक नहीं चाहते कि उनके बच्चों का भविष्य खराब हो। इस जर्जर भवन के दो कमरों संचालित स्कूल के एक कमरे में पहली से तीसरी व दूसरे कमरे में चौथी से पांचवी तक कि कक्षाएं लगती हैं। स्कूल में महज एक प्रभारी प्राचार्या है। जिनके पास बच्चों को पढ़ाने की भी जिम्मेदारी है।
दो शिक्षक पदोन्नत होकर गए, दो को मूल संस्था में भेजा
प्राचार्या बबिता चंद्राकर ने बताया कि स्कूल में पिछले सत्र में पांच शिक्षक पदस्थ थे। इनमें दो शिक्षक पदोन्नत होकर दूसरी संस्था चले गए। वहीं अन्य दो शिक्षकों को उनकी मूल संस्था भेज दिया गया। इसके बाद से यहां शिक्षकों की पदस्थापना नहीं कि गई हैं। बताया कि यहां पहली क्लास में सात, दूसरी में 25, तीसरी में 26, चौथी में 17 और पांचवीं क्लास में 21 बच्चे अध्यनरत हैं। जबकि छठवीं से लेकर आठवीं तक कि क्लास रालापल्ली स्थित स्कूल में संचालित हो रही हैं। वहां पर 3 शिक्षक पदस्थ किए गए हैं।
अफसर बोले- दो दिन में हो जाएगी व्यवस्था
वहीं स्कूल की हालत भी जर्जर है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। ऐसे में दीवारों से गिरता प्लास्टर खतरा बना रहता है। दूसरी ओर ब्लाक एजुकेशन ऑफिसर कंडिक नारायण ने कहते हैं कि सीबीएसई स्कूल में आगामी 15 जुलाई तक शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके लिए पांच जुलाई को एसएमडीसी के मेम्बर ने आवेदन दिया था। इसी के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षक व्यवस्था के लिए प्रस्ताव भेजा गया हैं। वहीं भवन की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही हैं।