बीजापुर में अलग-अलग विभिन्न वारदातों में शामिल रहे 23 लाख के चार इनामी सहित नौ नक्सलियों ने नक्सल पंथ से तौबा करते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्यधारा में जुड़ने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन के रूप में 25-25 हजार रुपये नगद राशि प्रदान की गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को एक और सफलता मिली है। मंगलवार को यहां पुलिस के समक्ष पीएलजीए बटालियन नम्बर एक सदस्या आठ लाख की इनामी लक्ष्मी माड़वी उर्फ खुटो पिता नंदा माड़वी उम्र 18 निवासी तिम्मापुर कर्कनपारा थाना जगरगुंडा जिला सुकमा, 5 लाख के इनामी एसीएम एओबी डिवीजन पुल्ली इरपा उर्फ तारा पिता नारू इरपा उम्र 20 निवासी बेलमनेड्रा, 5 लाख की इनामी एसीएम जगरगुंडा एरिया कमेटी भीमे मड़कम पति देवा मड़कम उम्र 24 निवासी मंडीमरका वेंगुरपारा थाना जगरगुंडा जिला सुकमा, 5 लाख के इनामी एसीएम दक्षिण सब जोनल ब्यूरो डॉक्टर टीम रमेश कारम पिता लछु कारम उम्र 24 निवासी एड्समेटा, आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन सदस्य सिंगा माड़वी पिता भीमा माड़वी उम्र 19 निवासी पेद्दा धर्मावरम, आरपीसी सीएनएम उपाध्यक्ष रामलु भंडारी उर्फ रामू पिता कन्ना भंडारी उम्र 27 निवासी मारुड़बाका, आरपीसी जनताना सरकार सदस्य देवा मड़कम उर्फ मधु पिता स्व. जोगा मड़कम उम्र 32 निवासी पेद्दाधरमावरम, मिलिशिया सदस्य रामा पुनेम उर्फ टक्का पिता मंगल पुनेम उम्र 30 निवासी चिन्नागेलूर व आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य हुंगा माड़वी उर्फ कटटी पिता स्व. हड़मा माड़वी उम्र 19 निवासी धर्मावरम थाना पामेड़ शामिल है।
आत्मसमर्पित नक्सली कई अलग-अलग घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए उक्त नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। इन्हें आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन के रूप में प्रदान किया गया।