बीजापुर जिले के जांगला स्थित बालक छात्रावास में कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत एक आदिवासी छात्र की मौत के मामले ने आश्रम-छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र की मौत की खबर के बाद विधायक विक्रम ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटना पर नाराजगी जताई है।
विधायक विक्रम ने कहा कि आदिवासी आश्रम एवं छात्रावासों में लगातार छात्रों की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों में बड़ी संख्या में बच्चे रहकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की है।
उन्होंने कहा कि जांगला के बालक छात्रावास में कक्षा पांचवीं के छात्र की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। विधायक ने सरकार से मांग की कि आदिवासी आश्रम-छात्रावासों में हो रही छात्रों की मौतों पर तत्काल रोक लगाने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।
विधायक विक्रम ने शासन-प्रशासन से आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधाएं, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ने पर इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की गंभीरता से जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की