विगत दिनों केंद्रीय जेल जगदलपुर में विचाराधीन कैदी रमेश कुंजाम की संदिग्ध मौत को लेकर उनके परिजनों ने बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि रमेश कुंजाम की मौत की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। ज्ञापन में परिजनों ने बताया कि स्व. कुंजाम पिता मुत्ता निवासी लिंगापुर, विकासखंड उसूर, जिला बीजापुर लगभग आठ माह से नक्सल मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में केंद्रीय जेल जगदलपुर में बंद थे।
जेल प्रशासन ने 4 जून 2026 को फोन पर सूचना दी कि रमेश कुंजाम के बाथरूम में फिसलकर गिरने से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ज्यादा खून बहने से महारानी अस्पताल जगदलपुर में भर्ती कराए गए हैं। अगले दिन 5 जून 2026 को जब परिजन जगदलपुर पहुंच रहे थे, तब रास्ते में फोन आया कि रमेश कुंजाम की मौत हो गई है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज डिमरापाल जगदलपुर पहुंचकर शव देखा तो केवल सिर पर चोट का निशान था, शरीर पर अन्य कहीं कोई चोट का निशान नहीं था। इससे पूरे मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। कुंजाम अपनी पत्नी और चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहते थे। अब परिवार के पास जीविका का कोई साधन नहीं बचा है।
परिजनों ने ज्ञापन में मांग की है कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।इस घटना को लेकर बीजापुर विधायक ने कहा कि नक्सल मामले में विचाराधीन कैदी की जेल में इस तरह संदिग्ध मौत कई सवाल खड़े करती है। इसलिए इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बीजापुर न्यूज