जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो शिक्षकों पर प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। तहसीलदार ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर दोनों शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। यह कदम जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में गंभीरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
ग्राम परकेली और बण्डेमरका में नियुक्त सहायक शिक्षक विनय कुजूर ने अपनी जनगणना ड्यूटी का निर्धारित कार्य नहीं किया। उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने उसका कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट भेजी है। दूसरे मामले में, शिक्षक रामसन जब्वा पर गंभीर आरोप लगे हैं। रामसन जब्वा जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे थे। उन पर नशे की हालत में प्रशिक्षण में पहुंचने का भी आरोप है।
तहसीलदार ने इस संबंध में भी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने रामसन जब्वा के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना कार्य की महत्ता को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक मानी जा रही है।
विनय कुजूर पर आरोप
सहायक शिक्षक विनय कुजूर को ग्राम परकेली और बण्डेमरका में जनगणना ड्यूटी पर लगाया गया था। उन्होंने अपने निर्धारित जनगणना कार्य को पूरा नहीं किया। प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब भी उन्होंने नहीं दिया। इस लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है।
रामसन जब्वा के विरुद्ध शिकायत
शिक्षक रामसन जब्वा पर जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने का आरोप है। उन पर यह भी आरोप है कि वह नशे की हालत में प्रशिक्षण में पहुंचे थे। तहसीलदार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा। उन्होंने रामसन जब्वा के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। प्रशासन ने जनगणना जैसे संवेदनशील कार्य में ऐसी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया है।